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February 17, 2026 5:09 pm

38 दिनों से बाघ खेल रहा है लुकाछिपी का खेल,वन विभाग की पकड़ने की हर कोशिश नाकाम, हथिनी को दिया चकमा,अब रेस्क्यू के लिए बनाई गई खास टीम

लखनऊ।राजधानी के काकोरी ब्लॉक के रहमान खेड़ा के 40 बीघे में फैले घने जंगल और 15 किलोमीटर के दायरे में फैले संस्थान समेत आसपास के गांव में 38 दिनों से लोग बाघ के आतंक में जीने को मजबूर हैं।लुकाछिपी का खेल बाघ खेल रहा है।बाघ के बढ़ते हमले से रहमान खेड़ा इलाके के लोगों ने घर से निकलना भी बंद कर दिया है।वन विभाग की कई टीमें लगातार बाघ को पकड़ने की कोशिश कर रही हैं,लेकिन पकड़ने में नाकाम है।

 

एक दर्जन नीलगाय,सांड और पड़वा का बाघ अब तक शिकार कर चुका है।शुक्रवार को बाघ ने एक और शिकार किया, लेकिन वन विभाग का दावा है कि यह शिकार एक दिन पहले किया गया है।बाघ को पकड़ने के लिए लखीमपुर खीरी, लखनऊ,पीलीभीत,कानपुर और बहराइच से विशेषज्ञों को बुलाया गया है,लेकिन अभी तक बाघ पकड़ में नहीं आया है।

 

बाघ को पकड़ने के लिए बीते दिनों दुधवा से हथनी डायना और सुलोचना को लाया गया है।पिछले दिनों हथनी डायना और सुलोचना ने लगभग तीन घंटे तक काम्बिंग की,लेकिन बाघ पकड़ में नहीं आया।मीठे नगर में बाघ के न‌ए पदचिन्ह मिले हैं।हलवापुर गांव में भी लोग बाघ देखने का दावा कर रहे हैं।बाघ के खौफ से लोगों की जिंदगी घरों में कैद हो गई है। लोगों ने खेती किसानी और बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है।

 

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वन विभाग के अफसर रोज बताते हैं कि आज बाघ जरूर पकड़ा जाएगा,लेकिन वो आज कब आएगा इसका इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं।बाघ लगातार चहलकदमी कर रहा है,लेकिन वन विभाग के अफसर और कर्मियों को इसकी भनक नहीं लगती है।वन विभाग का दावा है कि दुधवा से बाघ के रेस्क्यू के लिए आई प्रशिक्षित डायना और सुलोचना जिधर से कांबिग कर रही है वहां से बाघ दूरी बना रहा है।बाघ को पकड़ने के लिए अब पांच सदस्य टीम का गठन किया गया है।यह नई टीम नए सिरे से बाघ को पकड़ने के लिए जुटेगी।

 

ऑपरेशन टाइगर के लिए गठित नई समिति के अपर मुख्यसंरक्षक रेनू सिंह अध्यक्ष हैं।डीएफओ बाराबंकी आकाशदीप बधावन,डीएफओ अवध लखनऊ सीतांशु पांडे, एडीएफओ चंदन चौधरी और नामित पशु चिकित्सा अधिकारी को सदस्य बनाया गया हैं।शुक्रवार को वन विभाग में इसका आदेश जारी किया है।समिति रेस्क्यू के लिए गठित सभी टीमों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक संसाधन मुहैया कराएगी।रेस्क्यू के काम में लगे सभी कर्मियों को मौके पर उपस्थित तय की जाएगी।

बाघ रेस्क्यू के लिए गठित विशेष समिति में शामिल बाराबंकी के डीएफओ आकाशदीप बधावन विशेषज्ञ माने जाते हैं।इससे पहले बहराइच के कर्तानिया वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ रहे हैं।बधावन की देखरेख में ही कर्तनिया में बाघों की संख्या बढ़कर 59 पहुंची थी।बहराइच में ऑपरेशन भेड़िया में भी बधावन ने बेहतर काम किया था।बधावन के अनुभव को देखते हुए रहमान खेड़ा में घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए जिम्मेदारी दी गई है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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