इटावा, 24 मार्च 2026: जिले में पर्यावरण संरक्षण, नदी सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति एवं पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सीवेज प्रबंधन, ठोस एवं जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण से लेकर नदियों में बढ़ते प्रदूषण तक हर बिंदु पर कड़ी समीक्षा की गई।
नदियों में गंदगी पर शिकंजा: बंद एसटीपी और अवरुद्ध नाले
सीडीओ ने सबसे पहले नदियों में बहने वाले ठोस अपशिष्ट की रोकथाम की स्थिति की पड़ताल की। समीक्षा में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
· करनपुरा स्थित झरना नाला से संबंधित 10.44 एवं 10.45 एमएलडी क्षमता के दोनों एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निरीक्षण के दौरान बंद पाए गए।
· टिकसी नाले में अत्यधिक ठोस अपशिष्ट जमा होने से जल प्रवाह गंभीर रूप से अवरुद्ध हो गया है।
सीडीओ का सख्त निर्देश:
· नगर निगम को टिकसी नाले की तत्काल सफाई के आदेश दिए गए।
· बंद पड़े एसटीपी को तुरंत संचालन में लाने का निर्देश देते हुए विभागीय निदेशक को पत्र प्रेषित करने को कहा गया।
· स्पष्ट किया गया कि डीएफओ एवं समिति की अनुमति के बिना किसी भी एसटीपी के ऑपरेटर में बदलाव नहीं होगा।
· हर एसटीपी पर ऑपरेटर का नाम, मोबाइल नंबर और फोटो अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
करोड़ों की लापरवाही: 13.5 एमएलडी एसटीपी की खराब स्थिति पर नाराजगी
मौजा उमरैना स्थित 13.5 एमएलडी क्षमता के एसटीपी की खराब स्थिति पर सीडीओ ने तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “करोड़ों रुपये व्यय होने के बावजूद यदि संयंत्र संचालित नहीं है, तो यह गंभीर लापरवाही है।” संबंधित विभाग को इसे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
यमुना किनारे अवैध खनन पर सख्ती: वाहन जब्त करने के आदेश
यमुना नदी के किनारे ग्राम सुनवारा के निकट अवैध खनन की शिकायत पर सीडीओ ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पकड़ी गई वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए और क्षेत्र में सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही नदी किनारे कूड़ा फेंके जाने पर रोक के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट: लापरवाह संस्थानों को नोटिस
जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा में भी कई कमियां मिलीं:
· आदर्श पैथोलॉजी, पक्का बाग में 03 मार्च 2026 के बाद से कूड़ा उठान बंद था, जो 16 मार्च के निरीक्षण तक यथावत रहा। संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
· सिद्धार्थ हॉस्पिटल, दीप हॉस्पिटल (कृष्णा नगर) और डॉ. लाल पैथलैब्स (पक्का बाग) में बायोमेडिकल वेस्ट से संबंधित लॉग बुक ही नहीं मिली।
· इन संस्थानों को 3 दिन के भीतर प्रशिक्षण प्राप्त करने और अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
कूड़ा प्रबंधन: एमआरएफ केंद्र होंगे क्रियाशील, लापरवाहों पर होगी कार्रवाई
नगर निकायों के अंतर्गत संचालित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) केंद्रों की समीक्षा में सीडीओ ने सख्त निर्देश दिए:
· सभी केंद्रों को तत्काल क्रियाशील किया जाए और कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
· बकेवर एवं भरथना के एमआरएफ केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
· कचौरा बाईपास एवं सुनवारा बाईपास मार्ग पर पड़े कूड़े को तत्काल हटाकर साफ-सफाई कराने तथा सड़क किनारे वृक्षारोपण कराने को कहा गया।
· बकेवर-भरथना मार्ग पर कूड़ा फैलने पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सीडीओ ने स्पष्ट किया कि समस्त कूड़ा केवल एमआरएफ केंद्रों पर ही डाला जाए और अगली बैठक तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से सुचारु कर ली जाएं।
हरियाली को प्राथमिकता: ट्री-गार्ड के साथ गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण
वृक्षारोपण की समीक्षा में सीडीओ ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौधों का चयन कर उचित स्थानों—विशेषकर नगर एवं नदी किनारे—पर रोपण किया जाए। लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि सड़क किनारे लगाए जाने वाले पौधों के लिए ट्री-गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पौधे सुरक्षित रह सकें।
इन अधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक में जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, डीएफओ विकास नायक, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: सीडीओ अजय कुमार गौतम की इस कड़ी समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया कि पर्यावरण से जुड़ी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बंद एसटीपी से लेकर अवैध खनन और जैविक कचरे के अवैध निस्तारण तक, हर मोर्चे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग इन आदेशों का कितनी जल्दी और गंभीरता से पालन करते हैं।











