इटावा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर के के कालेज में विकसित भारत हेतु स्वदेशी तकनीक के अंतर्गत हुए कार्यक्रम में के के कालेज में प्राचार्य प्रो महेन्द्र सिंह के निर्देशन में निबंध प्रतियोगित व राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में आजादी के बाद देश में विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी के विकास पर प्रकाश डालते हुए के के कालेज के प्राचार्य प्रो महेंद्र सिंह ने कहा कि देश ने इस क्षेत्र में आशातीत सफलता हासिल कर आईआईटी, इसरो एवम डीआरडीओ जैसे केंद्र स्थापित कर विभिन क्षेत्रों पर में विश्व में नाम रोशन किया है। आज हमारा देश तकनीकी, आईटी सेक्टर एवम मिसाइल तकनीक में हमारा देश किसी भी देश से पीछे नहीं है। विज्ञान के क्षेत्र में जो राह महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने हमारे देश को दिखाई उसी दिशा में चलते हुए वैज्ञानिकों के अदम्य मेहनत से हमारा देश आज विज्ञान के क्षेत्र में विश्वगुरु बनकर उभर रहा है। फोरेंसिक साइंस में तो रमन प्रभाव का खासा उपयोग हो रहा द है और यह पता लगाना आसान हो गया है कि कौन-सी घटना कब और कैसे हुई थी। दरअसल, जब खास तरंगदैर्ध्य वाली लेजर बीम किसी चीज पर पड़ती है तो ज्यादातर प्रकाश का तरंगदैर्ध्य एक ही होता है। लेकिन हजार में से एक ही तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन होता है। इस परिवर्तन को स्कैनर की मदद से ग्राफ के रूप में रिकॉर्ड कर लिया जाता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो ओमकुमारी ने भी अपना संबोधन दिया इस मौके पर प्रो सुनील सिंह सेंगर, डा अनिल यादव, प्रो राजवीर सिंह, डा स्नोज यादव, डा सुशील,डा अनूप मिश्रा, डा अजरा बेगम,कौशलेंद्र यादव,बड़ेबाबू मधुसूदन,पवन कुमार,अवनींद्र मोहन,अंबुज दीक्षित,लोकेश,आशीष पटेल,हरिओम आदि शिक्षक एवम बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रो महेंद्र सिंह
प्राचार्य









