अब्दुल्ला अख़्तर
छिबरामऊ (कन्नौज): कोतवाली में रखे संदिग्ध ‘मनपसंद’ ब्रांड के अचार के डिब्बों पर शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि विभाग का चाबुक चला। विभाग की टीम ने कोतवाली पहुँचकर वाहन से बरामद अचार के डिब्बों का सैंपल लेकर सील किया और शेष सामग्री को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए नाले में फिंकवाकर नष्ट कराया।
क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों भाकियू (स्वराज) की एक महिला पदाधिकारी द्वारा खरीदे गए ‘मनपसंद’ अचार के डिब्बे में मरी हुई सड़ी-गली छिपकली निकली थी। इस दूषित अचार के सेवन से महिला की हालत गंभीर हो गई थी, जिसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। इसी क्रम में 15 फरवरी को संगठन के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने उक्त कंपनी के अचार से लदे एक वाहन को पकड़कर पुलिस और खाद्य विभाग को सूचना दी थी। रविवार की छुट्टी के कारण उस वक्त सैंपलिंग नहीं हो पाई थी, जिसे शुक्रवार को पूरा किया गया।
शपथ पत्र में संचालकों के नाम उजागर
खाद्य निरीक्षक अरविंद कुमार साहू ने वाहन चालक अखिलेश की मौजूदगी में सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की। चालक ने शपथ पत्र के माध्यम से खुलासा किया कि इस अचार कंपनी के मालिक इदरीस, तमजीत व तमहीद हैं। वह केवल उनके निर्देशों पर माल सप्लाई करता है। खाद्य निरीक्षक ने बताया कि सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद कंपनी संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









