Explore

Search

February 14, 2026 6:24 pm

केन्द्रीय बजट में, जीएसटी,इनकम टैक्स,टोल टैक्स,बढ़ते साइबर अपराध आदि मांगों को शामिल करने को लेकर उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल इटावा ने केन्द्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा

इटावा- : केंद्रीय बजट 2026-27 में उद्योग एवं व्यापार जगत को राहत प्रदान किए जाने के संबंध में आज उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल इटावा के पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर प्रांतीय आह्वान पर केन्द्रीय वित्त मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी इटावा के माध्यम से सौंपा 

व्यापारीयों ने मांग कि रोजगार सृजन बढ़ती महंगाई, ऊँची ब्याज दरें, जटिल नियम-कानून एवं साइबर अपराध जैसी समस्याओं के कारण व्यापारी एवं उद्यमी वर्ग गंभीर संकट का सामना कर रहा है।

अतः केंद्रीय बजट 2026-27 में उद्योग एवं व्यापार के हित में निम्नलिखित प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत प्रदान करने की कृपा करें

उद्योग एवं व्यापार के लिए दिए जा रहे बैंक ऋणों की वर्तमान ऊँची ब्याज दरों में कटौती किए जाने का प्रस्ताव लागू किया जाए।

व्यापारी एवं उद्यमियों के ऋण खाते मात्र तीन माह की किस्त/ब्याज जमा न होने पर एनपीए घोषित कर दिए जाते हैं, जिससे चलता हुआ व्यापार एवं उद्योग बंद हो जाता है।

अतः एनपीए घोषित करने की समय सीमा 3 माह से बढ़ाकर कम से कम 6 माह की जाए तथा एनपीए हो चुके खातों के लिए विशेष पुनर्स्थापना योजना लागू की जाए।

जीएसटी के अंतर्गत वर्तमान में उपलब्ध दुर्घटना बीमा ₹10 लाख तक सीमित है, जिसे संशोधित करते हुए किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु की स्थिति में ₹10 लाख का बीमा लाभ पंजीकृत व्यापारी/उद्यमी को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया जाए।

. बढ़ते हुए साइबर अपराध को रोकने हेतु एक सशक्त, प्रभावी एवं व्यापारी हितैषी राष्ट्रीय कार्य योजना लागू की जाए।

. साइबर अपराध की स्थिति में यदि कोई अपराधी व्यापारी से खरीदारी कर भुगतान करता है तो संबंधित व्यापारी का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया जाता है, जबकि व्यापारी का इसमें कोई अपराध नहीं होता।

अतः अपराधी के अतिरिक्त किसी निर्दोष व्यापारी का खाता फ्रीज न किया जाए, ऐसी स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए।

जीएसटी में विलंब से भुगतान पर 18% ब्याज लिया जा रहा है, जिसे घटाकर अधिकतम 6% किया जाए।

जीएसटी अधिनियम में दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत जेल की सजा को समाप्त किया जाए तथा इसे केवल आर्थिक दंड तक सीमित किया जाए।

वाहन खरीदते समय एक ओर रोड टैक्स और दूसरी ओर पूरे देश में टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो दोहरा कर है।

अतः वाहन पंजीकरण पर लिया जाने वाला रोड टैक्स एवं व्यावसायिक वाहनों से वार्षिक रोड टैक्स समाप्त किया जाए।

वर्तमान में आयकर अधिनियम के अंतर्गत कंपनियों पर लगभग 25% की दर से आयकर लगाया जा रहा है, जबकि साझेदारी फर्मों पर 30% की उच्च दर से आयकर देय है। जबकि वास्तविकता यह है कि साझेदारी फर्म मुख्यतः छोटे एवं मध्यम स्तर के व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा संचालित की जाती हैं।

अतः छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहन देने तथा उन्हें औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु साझेदारी फर्मों पर आयकर की दर घटाकर अधिकतम 20% किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में 12% एवं 28% की स्लैब समाप्त किए जाने के पश्चात व्यापारी द्वारा पूर्व में 12% एवं 28% जीएसटी पर खरीदे गए माल को वर्तमान में 18% अथवा 5% की दर से बेचना पड़ रहा है, जिससे व्यापारियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस कारण व्यापारियों का लगभग 7% से 10% तक का इनपुट टैक्स क्रेडिट विभाग के पोर्टल पर लंबित पड़ा हुआ है, जो उनकी कार्यशील पूंजी को बाधित कर रहा है।

अतः यह अत्यंत आवश्यक है कि उक्त लंबित आईटीसी राशि को बिना किसी विलंब के संबंधित व्यापारियों के बैंक खातों में तत्काल रिफंड/ट्रांसफर करने की व्यवस्था लागू की जाए

इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष कामिल कुरैशी, जिला उपाध्यक्ष हाजी शेख आफताब, अशोक जाटव, हाजी चांद मंसूरी, महिला प्रदेश मंत्री मंजू लता द्विवेदी, युवा जिलाध्यक्ष रियाज अब्बासी, महिला जिला अध्यक्ष शकीला बेगम, महिला शहर अध्यक्ष पूर्वी सक्सेना, युवा महामंत्री अजीत कुमार, सुनील कुशवाहा, युवा उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव ,शेख नबाब, मुदित दीक्षित, राहुल सक्सेना, महिला जिला महामंत्री अंजू यादव, ममता दुबे,तनु वर्मा,देव गुप्ता

जिला उपाध्यक्ष रंजना वर्मा सुमन यादव आदि पदाधिकारी मौजूद रहे

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर