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April 20, 2026 8:25 pm

एसएसपी के निर्देशन में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत थाना एएचटी ने समुदाय को किया सजग

इटावा। जनपद में बाल विवाह की कुरीति को जड़ से उखाड़ फेंकने और बच्चों के अधिकारों की मजबूत सुरक्षा कवच बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को थाना वैदपुरा एवं सैफई क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। यह अभियान 27 नवंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक चलने वाले 100 दिवसीय राष्ट्रीय “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बाल विवाह की घटनाओं पर अंकुश लगाना, समुदाय में ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) का वातावरण विकसित करना और कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

अभियान दल ने विवाह से जुड़े प्रमुख हितधारकों से सीधा संवाद स्थापित किया। मैरिज होम स्वामी, सभासद, बैंड-बाजा संचालक, प्रधानगण, हलवाई, मंडप एवं बैंक्विट हॉल के स्वामियों तथा मंदिरों के पुजारियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि बाल विवाह एक गंभीर दंडनीय अपराह है और प्रशासन की इसके प्रति शून्य सहनशीलता की नीति है। साथ ही, ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने का आह्वान किया गया।

इस महत्वपूर्ण अभियान में थाना पछायगांव पुलिस, एसजेपीजे प्रभारी, थाना एएचटी टीम तथा बाल संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन का यह सामूहिक प्रयास है कि इटावा जनपद बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई से पूर्णतः मुक्त हो और हर बच्चे को उसका सुरक्षित बचपन और उज्ज्वल भविष्य मिल सके।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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