रिपोर्ट अब्दुल्लाह कन्नौज – जिला जेल से दो बंदी फरार हो गए। रात में जिला जेल में न्यू ईयर की पार्टी रखी गई थी। इसी का फायदा उठाकर कैदियों ने कंबल को आपस में जोड़कर रस्सी जैसा बनाया और दीवार को फांदकर निकल गए। दीवार की ऊंचाई 22 फीट से ज्यादा है, जिसे फांदकर बंदी भागे हैं।

रात में जेल के सभी कैदियों को बैरक भेजा गया, लेकिन गिनती नहीं हुई। सुबह जब सभी कैदी निकाले गए तो गिनती में दो कैदी कम निकले। इसके बाद काफी जेल तक जेल प्रशासन इसे छिपाने की कोशिश करता रहा और अंदर ही खोजबीन जारी रखी। घटना की जानकारी पर डीएम समाधान दिवस छोड़कर जिला जेल पहुंचे। मामले में चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
मामला विस्तार से
कन्नौज जिला जेल की 22 फीट ऊंची दीवार को बंदी अंकित और शिवा ने कम्बल के सहारे पार किया। एक साथ कई कम्बल बांधकर उसे रस्सी की तरह इस्तेमाल किया गया। सोमवार सुबह बैरक से बंदियों को निकालकर हर रोज की तरह गिनती की गई। जिसमें दो बंदी कम थे।
जेल के अंदर ही उनकी गुपचुप तलाशी ली गई। इसके बाद जेल परिसर के आसपास देखा गया। जेल गेट के बगल की पूर्वी दीवार के सहारे रस्सीनुमा कम्बल लटके दिखाई दिए तो जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया।मामले की जानकारी मिलती ही डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी बिनोद कुमार को दी गई। उस समय डीएम और एसपी सदर तहसील में समाधान दिवस में समस्याएं सुनने गए थे।
एक दिन पहले पार्टी मनाने का दावा
बंदियों के भागने के बाद जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का एक वीडियो सामने आया है, जोकि जेल के अंदर पार्टी मनाने का है। दावा किया गया कि जेल में बीती रात डीजे बजाकर पार्टी की गई। जिसकी जानकारी बंदियों को पहले से हो गई थी। इसी का फायदा उठाने के लिए उन्होंने भाग निकलने की योजना बना ली।
भागने वाले बंदियों के नाम अंकित और डिम्पी उर्फ शिवा बताया जा रहा है। अंकित पुत्र प्रेम चंद्र तालग्राम का रहने वाला था और ये 3/25 आर्म्स एक्ट में जेल में बंद था। वहीं दूसरा आरोपी डिम्पी उर्फ शिवा पुत्र चमन लाल मलगवां थाना ठठिया का रहने वाला था और पॉक्सो एक्ट में जेल में बन्द था। एक आरोपी जून से यहां था, दूसरा दिसंबर में आया था।
डीएम ने शासन को रिपोर्ट दी है। शासन ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेलर विनय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। कानपुर रेंज के डीआईजी जेल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
हालांकि जेल प्रशासन वीडियो को दो दिन पुराना बता रहे हैं। जेल से बंदियों के भागने और जेल अधिकारियों के पार्टी मनाने के मामले को लेकर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जांच कराने की बात कही है। वहीं लापरवाही पर बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेलर विनय प्रताप सिंह सस्पेंड किए गए हैं। जेल विभाग के चारों अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के भी निर्देश दिए गए हैं। जेल अधीक्षक कन्नौज को जांच के आदेश दिए गए हैं। डीआईजी जेल कानपुर परिक्षेत्र को जांच अधिकारी बनाया गया है।









