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February 14, 2026 6:10 pm

शाने अली का जलवा: रामगंज से उठा ऐतिहासिक जुलूस, “या अली” के नारों से गूंज उठा नगर

इटावा। मौलाये कायनात, शेरे खुदा, हजरत अली इब्न अबी तालिब (अ.स.) की विलादत के पवित्र अवसर पर शहर में ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया। अली (अ.स.) की शान में यह जुलूस रामगंज से अपनी पूरी शान-ओ-शौकत के साथ उठा और शहर के गलियारों व प्रमुख चौराहों से होता हुआ गुजरा।

 

 

जुलूस में शहर के हजारों अकीदतमंदों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने फूल-मालाओं से सजी निशानियाँ और पन्ने ढोल नगाड़ों के साथ उठाए। पूरा माहौल इमाम अली (अ.स.) के प्रति अकीदत और मुहब्बत से सराबोर था।

 

जुलूस के दौरान “या अली मदद”, “मौला अली मौला अली” और “लब्बैक या अली” जैसे नारों से आसमान गूंज उठा। शहर के बीचोंबीच चौराहों पर जुलूस रुका तो मुनकिरेने विलादत और मनकबत पढ़ने का दौर चला, जिसे लोगों ने खड़े होकर सुना।

 

इस अवसर पर जुलूस के आयोजकों ने कहा कि हजरत अली (अ.स.) सिर्फ मुसलमानों ही नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए न्याय, बहादुरी और ज्ञान के प्रतीक हैं। उनके जन्मदिन का यह जश्न अमन, भाईचारे और इंसानी हकूक की अहमियत का पैगाम देता है।

 

जुलूस में शामिल लोगों ने शहर में सौहार्द, शांति और एकता की दुआएं मांगीं। यह जुलूस न केवल धार्मिक उत्साह, बल्कि सामाजिक सद्भाव का भी बेहतरीन उदाहरण बना।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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