· बड़ी कार्रवाई: इटावा पुलिस ने एक अंतर-जनपदीय नकली करेंसी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
· शातिर अपराधी: गिरफ्तार आरोपी शातिर और अभ्यस्त अपराधी हैं, जिन पर पूर्व में नकली करेंसी, हत्या, हथियार और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
· बरामदगी: पुलिस ने ₹30,200 की नकली भारतीय मुद्रा, एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, छुरा, एक कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए।
· मुख्य आपूर्तिकर्ता गिरफ्तारी से बाहर: गिरोह के मुख्य आपूर्तिकर्ता योगेश उर्फ करूआ की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई है।
· पुलिस टीम को पुरस्कृत किया गया: सफल ऑपरेशन करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा ₹10,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
त्योहारों के दौरान अपराधों पर अंकुश लगाने के विशेष अभियान के तहत, इटावा पुलिस ने 21 अक्टूबर, 2025 की रात को एक बड़ी सफलता हासिल की। थाना सैफई की पुलिस टीम को सूचना मिली कि तुलसीपुर मोड पर एक कार में बैठे कुछ लोगों के पास नकली नोट हैं, जिनसे उन्होंने सैफई के कुम्हावर बाजार में दुकानदारों को ठगा था। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार सहित पांचों संदिग्धों को घेर कर गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी आगरा के मुख्य आपूर्तिकर्ता योगेश उर्फ करूआ से नकली नोट प्राप्त करके उन्हें इटावा और आसपास के इलाकों में चलाते थे और मुनाफा आपस में बांटते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में से एक, सोनू उर्फ सुखबीर, एक बेहद खतरनाक अपराधी साबित हुआ है। उसके खिलाफ पूर्व में STF द्वारा ₹20 लाख के नकली नोट बरामद करने सहित नकली करेंसी, हत्या, हथियार और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपी धर्मेंद्र, ओमवीर, अजय और राजू के भी गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड हैं।
इस मामले में थाना सैफई में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद नकली नोटों को FSL जांच के लिए भेजा जा रहा है और गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने की कार्रवाई जारी है।
यह कार्रवाई इटावा पुलिस की अपराध के खिलाफ सख्त रवैये और सूचना पर त्वरित कार्रवाई का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।











