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April 20, 2026 8:23 pm

सैम्पलिंग के नाम पर उत्पीड़न बंद करो!” – इटावा के व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

इटावा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा सैम्पलिंग के नाम पर कथित उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के खिलाफ इटावा के व्यापारी सड़कों पर उतरे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आह्वान पर सैकड़ों व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर जोरदार नारेबाजी की और एक 17-सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

 

मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित और शहर अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव के नेतृत्व में व्यापारियों का जुलूस अपर आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) राजेश द्विवेदी के कार्यालय पहुंचा, जहाँ उन्हें केंद्रीय खाद्य मंत्री और खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण को संबोधित मांग पत्र सौंपा गया।

 

व्यापारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

 

1. शमन शुल्क व्यवस्था लागू करना: अधिकांश मामले शमन शुल्क (Compounding Fee) जमा कराकर समाप्त किए जाएँ, ताकि व्यापारियों को लंबी अदालती प्रक्रिया से छुटकारा मिले और सरकार पर मुकदमों का बोझ कम हो।

2. रजिस्ट्रेशन सीमा बढ़ाएँ: वार्षिक टर्नओवर की रजिस्ट्रेशन सीमा वर्तमान 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की जाए।

3. लाइसेंस न होने पर सजा खत्म करना: लाइसेंस न होने पर सजा के प्रावधान को हटाकर अधिकतम जुर्माना रजिस्ट्रेशन फीस के दोगुना तक सीमित किया जाए।

4. पैकेज्ड सामान में खुदरा व्यापारी को दोषी न ठहराना: पैकिंग में कमी पाए जाने पर केवल निर्माता कंपनी को दोषी ठहराया जाए, रिटेलर या होलसेलर को नहीं।

5. ऑनलाइन फूड डिलीवरी एजेंटों का लाइसेंस अनिवार्य करना: सभी ऑनलाइन फूड डिलीवरी पार्टनर्स के लिए अनिवार्य रूप से FSSAI लाइसेंस बनवाने के आदेश जारी किए जाएँ।

6. ऑनलाइन फूड सप्लाई की भी सैम्पलिंग करना: मल्टीनेशनल कंपनियों और ऑनलाइन फूड सप्लाई चेन के सामान की भी नियमित सैम्पलिंग की जाए।

7. सैम्पल लेते समय भुगतान और फॉर्म-5A देना अनिवार्य करना: सैम्पल लेते समय व्यापारी को सामान का मूल्य दिया जाए और फॉर्म-5A की प्रति तुरंत थमाई जाए।

8. सैम्पलिंग के लिए टारगेट सिस्टम खत्म करना: अधिकारियों को दिए गए सैम्पलिंग के टारगेट को समाप्त किया जाए, सिर्फ शिकायत या मिलावट की पुख्ता जानकारी पर ही सैम्पलिंग हो।

9. फर्जी शिकायतों पर कार्रवाई रोकना: बिना पुख्ता सबूतों के फर्जी शिकायतों पर सैम्पलिंग बंद की जाए।

10. एक देश-एक अधिकारी की व्यवस्था: केंद्रीय और राज्य दोनों अधिकारियों के निरीक्षण के दोहरे दबाव को खत्म कर ‘एक देश, एक कानून, एक अधिकारी’ की व्यवस्था लागू की जाए।

11. कृषि उत्पादों के मानकों की समीक्षा: खेती में इस्तेमाल हो रहे कीटनाशकों और दूषित पानी के कारण फसलों में रसायनों की मात्रा बढ़ी है। नए मानक तय होने तक व्यापारियों के सैम्पल न लिए जाएँ।

12. छोटे उद्योगों से ऑनलाइन रिटर्न की अनिवार्यता हटाना: 5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले छोटे और कुटीर उद्योगों से छमाही और वार्षिक ऑनलाइन रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त की जाए और पुराने जुर्माने माफ किए जाएँ।

13. दोहरी सैम्पलिंग बंद करना: NABL लैब से जाँच रिपोर्ट अपलोड करने के बाद खाद्य अधिकारियों द्वारा की जाने वाली दोहरी सैम्पलिंग पर रोक लगाई जाए।

14. अपील सुनने के लिए विशेष अदालतें बनाना: अपीलों का निपटारा तेजी से करने के लिए विशेष खाद्य अपील अधिकरण (Food Safety Appellate Tribunal) की स्थापना की जाए।

 

इस अवसर पर मंडल के कोषाध्यक्ष कामिल कुरैशी, भारतेन्द्र नाथ भारद्वाज, श्रीमती गुड्डी बाजपेई सहित जिले भर के सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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