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November 2, 2026 3:14 am

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

डीएम और सीएमओ के बीच तनातनी,कार्रवाई को लेकर लिखापढ़ी,आइए जानें मामला

कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में अस्पतालों में छापेमारी के दौरान लगातार मिल रही कमियों से जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बीच तनातनी चल रही है।इसके लिए अप्रैल में भी डीएम प्रमुख सचिव को सीएमओ के खिलाफ पत्र लिख चुके हैं। इस पर सीएमओ से सवाल-जवाब भी किया जा चुका है।अब डीएम ने एक बार फिर शिकायतों और डॉक्टरों के कथित मनमाने तबादलों से नाराज होकर प्रमुख सचिव को सीएमओ का तबादला करके विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की है।डीएम की संस्तुति पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

 

डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह जनवरी में जिले में आने के बाद से लगातार अस्पतालों समेत अन्य जगह पर औचक निरीक्षण कर रहे हैं।स्वास्थ्य विभाग के सीएचसी-पीएचसी,कांशीराम समेत अन्य अस्पताल के निरीक्षण में मिलीं खामियों में सुधार करने और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश देने के बाद भी सीएमओ हरिदत्त नेमी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई,जिस पर डीएम ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र पहले 15 अप्रैल और फिर 9 जून को भेजा है। इसमें डीएम ने लिखा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत रिक्त पदों का विज्ञापन यूपी की वेबसाइट पर नहीं जारी किया गया।

 

पत्र में जिक्र है कि वित्त एवं लेखा सेवा से नामित वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ वंदना सिंह को वित्तीय परीक्षण एवं पदेन कार्यों से हटा दिया। उनके स्थान पर गैर वित्त सेवा कर्मी को नामित कर दिया। यही नहीं डॉ आरएन सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी समेत अन्य डॉक्टरों के 10 दिन के अंदर नौ बार तबादले के आदेश जारी कर दिए।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सीएमओ का प्रशासनिक नियंत्रण अत्यंत लचर व शिथिल है। लापरवाह व चिकित्सा अभिलेखों में मरीजों की फर्जी प्रविष्टियां करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये सभी मामले गंभीर हैं। सीएमओ का तबादला करके किसी सुयोग्य वरिष्ठ अधिकारी को तैनात करने का कष्ट करें।

 

बता दें कि इस बीच तीन ऑडियो वायरल हुए हैं,जिन्हें डीएम-सीएमओ विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है। इनमें दोनों अफसरों का किसी न किसी रूप में जिक्र है।लंबी मीटिंग करने,महिलाओं के लंबी बैठकों में ऊब जाने,वसूली आदि का जिक्र इनमें है।सरकारी विभागों के लोगों के बीच यह खूब वायरल हो रहे हैं। स्वराज सवेरा इन आडियो की पुष्टि नहीं करता है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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