इटावा। ईद-उल-अज़हा के पावन अवसर पर शहर के विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में धार्मिक उत्साह और सद्भावना का माहौल रहा। शाही जामा मस्जिद, उर्दू मोहल्ला की बड़ी व छोटी मस्जिदों तथा ईदगाह में सुबह 6:45 और 7:45 बजे दो पालियों में नमाज अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजियों ने शिरकत की।
प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भूमिका
नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला और एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीमों ने नमाजियों के साथ समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया।
समुदाय ने बांटी खुशियाँ
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष फुरकान अहमद और ब्रांड एंबेसडर आलोक दीक्षित ने नमाजियों को ईद की मुबारकबाद दी और बच्चों में मिठाइयाँ बाँटकर उत्सव को और भी रंगीन बना दिया।
मौलाना जरजीश ने कुर्बानी का संदेश दिया
खुतबे के दौरान मौलाना जरजीश ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) और हज़रत इस्माईल (अलैहिस्सलाम) के जीवन प्रसंगों को याद करते हुए कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हज़रत इब्राहीम ने सच्चाई और अल्लाह की राह में हर परीक्षा को स्वीकार किया। कुर्बानी का यह सिलसिला हमें समर्पण और सहनशीलता का पाठ पढ़ाता है।”
शांति और उत्सव का मेल
मस्जिद परिसर नमाजियों से खचाखच भरा रहा, जहाँ धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामुदायिक सद्भाव की भी मिसाल कायम हुई। पुलिस-प्रशासन के सहयोग और नागरिकों की सकारात्मक भागीदारी ने ईद के जश्न को यादगार बना दिया।
इस तरह इटावा ने एक बार फिर धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की











