इटावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले विषय पर चर्चा हेतु आहूत उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में प्रतिभाग करने पर मन उत्साह और जिम्मेदारी की भावना से परिपूर्ण है।

यह विधेयक केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है। उक्त विषय सदर विधायक सरिता भदोरिया ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए व्यक्त किये उन्होंने आगे कहा कि वर्षों से चली आ रही महिलाओं की भागीदारी को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी पहल है, जो लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करेगी तथा सामाजिक समरसता को नई दिशा प्रदान करेगी।
नारी शक्ति हमारे समाज की आधारशिला है—मां, बहन, बेटी के रूप में वे हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में उनका राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण राष्ट्र के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह विधेयक महिलाओं को न केवल अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें नेतृत्व के नए आयामों तक पहुंचने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

इस विशेष सत्र में सहभागिता करते हुए मेरा संकल्प है कि नारी शक्ति के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करूं। यह विश्वास है कि यह ऐतिहासिक पहल आने वाले समय में भारत को और अधिक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगी।











