इटावा की सड़कों पर आज नारी शक्ति का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला, जहाँ भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ के माध्यम से विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला गया। सदर विधायक सरिता भदौरिया और भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा ने विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता को आड़े हाथों लिया। बलराम सिंह चौराहा से शुरू होकर पक्का तालाब होते हुए के.के.डी.सी. कॉलेज तक पहुँची इस पदयात्रा में शामिल सैकड़ों महिलाओं ने गगनभेदी नारेबाजी करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि महिला आरक्षण बिल की राह में रोड़े अटकाने वालों को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी।
सदर विधायक सरिता भदौरिया ने जनसभा को संबोधित करते हुए तीखे शब्दों में कहा कि सदन के भीतर विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का अनादर कर केवल मोदी सरकार को ही नहीं, बल्कि देश की हर महिला को चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2029 के संसदीय चुनावों के लिए जो संकल्प लिया है, उसे डिगाने के लिए विपक्षी गठबंधन द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्रों का जवाब महिलाएं अब सड़कों पर उतरकर दे रही हैं। भदौरिया ने I.N.D.I.A गठबंधन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी चुनाव में महिलाएं अपने अपमान का बदला लेंगी और नरेंद्र मोदी को पुनः पूर्ण बहुमत के साथ प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाएंगी।
जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री मोदी नारी सशक्तीकरण के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसा ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं, वहीं विपक्ष अपनी संकीर्ण मानसिकता के चलते महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में आने से रोकना चाहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अधिनियम महिलाओं के आत्मविश्वास और सामर्थ्य का नया प्रतीक बनेगा। पदयात्रा के दौरान पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, प्रेमदास कठेरिया और विरला शाक्य सहित भारी संख्या में महिला पदाधिकारी व मातृ शक्ति मौजूद रही, जिन्होंने एक सुर में महिला आरक्षण के समर्थन और विपक्ष के विरोध का संकल्प लिया।











