इटावा: उर्दू मोहल्ले की सियासत में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए, वार्ड नंबर 40 के उपचुनाव में शफी अहमद बालक ने बिना किसी मुकाबले के सभासद की कुर्सी हासिल कर ली है। बुधवार को जिला प्रशासन ने उन्हें निर्वाचित प्रमाण पत्र देकर उनकी जीत को औपचारिक मान्यता दे दी।
क्यों हुआ उपचुनाव?
दरअसल, यह उपचुनाव पिछले सभासद की लंबी बीमारी के बाद लगभग एक साल पहले हुई असमय मौत के कारण कराया गया था। तब से यह सीट खाली पड़ी थी और वार्ड के लोग नए प्रतिनिधि की प्रतीक्षा कर रहे थे।
- सबने दिया साथ, बिना वोट के बनी जीत

इस सीट के लिए कई दावेदार मैदान में थे, लेकिन चुनावी मैदान गरम होता, इससे पहले ही सभी प्रत्याशियों ने अपना पत्ता पलट दिया और शफी अहमद बालक के समर्थन में आ गए। नतीजा – नामांकन वापसी के आखिरी दिन तक उनके सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा और वे निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
नए सभासद का वादा – ‘अब काम करवाएंगे दमदार’

प्रमाण पत्र मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में भावुक और उत्साहित शफी अहमद बालक ने कहा:
“वार्ड के जितने भी काम अटके हुए हैं, चाहे वो सड़क, पानी या बिजली के हों – उन्हें सबसे पहले प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा। वार्डवासियों के भरोसे को कभी तोड़ने नहीं दूंगा।”
कौन हैं शफी अहमद बालक?
वह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ और जाने-माने नेता हैं। उनकी गिनती पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू के सबसे करीबियों में होती है। संटू गुप्ता से उनकी पुरानी राजनीतिक साझेदारी और जनसमर्थन ने इस चुनाव को उनके लिए आसान बना दिया।
उर्दू मोहल्ले में खुशियों की लहर
शफी अहमद बालक के निर्विरोध चुनाव से पूरे उर्दू मोहल्ले में जश्न का माहौल है। लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। वार्डवासियों का कहना है कि अब विकास की रफ्तार तेज होगी और उनकी लंबित समस्याओं का जल्द समाधान होगा।











