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October 26, 2026 12:25 am

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सुरों और ताल की गूंज से महका महिला महाविद्यालय: बेटियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सशक्तिकरण की नई परिभाषा

इटावा राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में त्रि-दिवसीय संस्कृत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एकल और समूह नृत्य प्रतियोगिताओं ने छात्राओं की प्रतिभा और सांस्कृतिक कौशल का भव्य प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए पूर्व डीन प्रो. एन. के. शर्मा ने छात्राओं के आत्मविश्वास की प्रशंसा की और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रदर्शन को सीमित दृष्टिकोण से देखने के बजाय महिला सशक्तिकरण के उस व्यापक स्वरूप के रूप में देखना चाहिए जिसे सरकार नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज के दौर में बेटे और बेटी के बीच कोई अंतर नहीं रह गया है और बेटियों की सफलता इस प्रगतिशील बदलाव का प्रमाण है।

​छात्राओं के उत्साहवर्धन के बीच प्राचार्य प्रो. श्याम पाल सिंह ने संगीत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे एक अपार शक्ति बताया जो मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा दोनों को सकारात्मक रूप से बदलने का सामर्थ्य रखती है। डॉ. डोली रानी के कुशल संचालन में आयोजित इस समारोह में निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका में दुर्गेश लता, डॉ. रेखा, डॉ. रमाकांत राय, श्याम देव यादव और डॉ. श्वेता मौजूद रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को बारीकी से परखा। इस गौरवपूर्ण अवसर पर डॉ. अजय दुबे, प्रो. चंद्रप्रभा और डॉ. अमित कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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