इटावा। गंगा-जमुनी संस्कृति और सूफी सद्भाव की प्रतीक दरगाह हजरत नूर अली सैय्यद बाबा जेल वाले सैय्यद बाबा के दो दिवसीय 54 वें सालाना उर्स का कुल शरीफ के साथ समापन हो गया। उर्स में सभी धर्मों और समुदाय के लोगों की उपस्थिति ने इटावा की गंगा जमुनी संस्कृति और सद्भावना में चार चांद लगा दिए।
दरगाह जेल वाले सैयद बाबा कमेटी के अध्यक्ष वसीम अहमद नियाजी जिम्मी बशीर व सेकेट्ररी इख्तियार अहमद मोनू बशीर की देखरेख व सैयद एजाज हुसैन के संचालन में स्व. बशीर अहमद नियाजी मेवाती टोला द्वारा स्थापित उर्स कुल शरीफ जे साथ शुरू हुआ। पहले दिन उर्स में कमेटी और श्रद्धालुओं की ओर मेवाती टोला स्थित स्व. बशीर अहमद नियाजी के मकान से चादर उठी जो रेलवे रोड होती हुई जेल वाले सैयद बाबा की दरगाह पर पेश हुई। रात में दरगाह पर महफ़िले समां का आयोजन हुआ जिसमे कव्वाल सलीम झंकार ग्वालियर, मतलूब नियाजी शमशाबाद जिला फर्रुखाबाद महफ़िले समां में अपने कलाम पेश किए। उर्स के दूसरे दिन मेवाती टोला से पप्पू बशीर, मोनू बशीर, सोनू बशीर, जिम्मी बशीर की देखरेख में चादर उठी और काजी पैट्रोल पम्प, शास्त्री चौराहा होकर कचहरी वाले सैयद बाबा, मोतीझील वाले सैयद बाबा, भोलन शहीद होकर जेल वाले सैयद बाबा दरगाह पर पहुंची जहां श्रद्धालुओं ने चादरें पेश कीं। इसके बाद महफ़िले समां का आयोजन हुआ और सुबह हजरत नूर अली जेल वाले सैयद बाबा के कुल के साथ उर्स का शानदार समापन हुआ। उर्स के दोनों दिन कमेटी की ओर से उर्स में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था रही। उर्स में इटावा जनपद के अलावा आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं भाग लिया। जेल वाले सैय्यद बाबा के सालाना उर्स में मुख्य अतिथि पत्रकार मसूद तैमूरी का दरगाह कमेटी के अध्यक्ष ज़िम्मी बशीर, सेकेट्ररी मोनू बशीर, सोनू बशीर और उनकी कमेटी ने माल्यार्पण एवं साफा बांध कर सम्मानित किया। उर्स की सफलता में शुजा खान, फरदीन खान, इरशाद मेव आदि का सराहनीय योगदान रहा। उर्स में हाफिज मोहम्मद अहमद चिश्ती, हाफिज फैजान चिश्ती, , खादिम अब्बास, राजू गुप्ता, संजू चौरसिया, संजीव तिवारी, प्रशांत शर्मा, अलंकार तिवारी, शावेज़ नक़वी, तसलीम मंसूरी एड., , इरशाद अहमद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।









