इटावा क्लार्क्स इन होटल में चिकित्सा जगत की एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का सफल आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। आईएमए इटावा द्वारा रवि हॉस्पिटल्स एवं इंदिरा आईवीएफ और रवि टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर, आगरा के सहयोग से आयोजित इस सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम ने क्षेत्र के चिकित्सकों को नवीन तकनीकों से रूबरू होने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आगरा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रवि पचौरी की उपस्थिति में हुआ, जबकि इसका कुशल नेतृत्व आईएमए इटावा के अध्यक्ष डॉ. डी.के. दुबे ने किया। इस बौद्धिक आयोजन को सफल बनाने में सचिव डॉ. हिमांशु कुमार सिंह और वित्त सचिव डॉ. रमाकांत रावत की सक्रिय भागीदारी रही, वहीं डॉ. रजनी रावत ने अपने प्रभावी संचालन से पूरे सत्र में ऊर्जा बनाए रखी।
शैक्षणिक सत्र की गरिमा को बढ़ाते हुए यूपीयूएमएस सैफई के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कल्पना ने डॉ. रिजवाना खातून और डॉ. किरण कुमार के साथ अध्यक्षता की। इस दौरान डॉ. रजनी पचौरी ने बांझपन उपचार की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जिससे निसंतानता के क्षेत्र में काम कर रहे चिकित्सकों को नई दिशा मिली। साथ ही, डॉ. ऋषभ पचौरी ने लेप्रोस्कोपी और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि कैसे कम चीर-फाड़ वाली ये तकनीकें मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो रही हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित भारी संख्या में चिकित्सकों ने इस सत्र को न केवल अत्यंत उपयोगी बताया बल्कि इसे ज्ञानवर्धन का एक उत्कृष्ट जरिया भी माना।









