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February 15, 2026 5:17 am

बाल सुधार गृह से सुनियोजित फरारी: पांच दिन की रैकी के बाद दो किशोरों ने तोड़ा ताला, एक गिरफ्तार

इटावा, संवाददाता। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित राजकीय बाल सुधार गृह से दो किशोरों के फरार होने की घटना ने प्रशासन और पुलिस को हड़कंप में डाल दिया है। घटना ने सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों किशोरों ने पांच दिन पहले से ही फरारी की रणनीति तैयार कर ली थी और शुक्रवार शाम छह बजे अपनी योजना को अंजाम दिया।

 

फरारी की तैयारी में लगे थे पांच दिन

 

दोनों किशोर पिछले पांच दिनों से छत पर क्रिकेट खेलने और लाइब्रेरी जाने के बहाने सुधार गृह की संरचना, सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों की गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने नोट किया कि किस समय निगरानी ढीली रहती है और कैसे बाउंड्री वॉल पार की जा सकती है।

 

शुक्रवार शाम को अंजाम दिया प्लान

 

शुक्रवार शाम करीब छह बजकर पांच मिनट पर दोनों किशोरों ने पहली मंजिल के टॉयलेट की छत से 25 फीट ऊंची कंटीले तारों वाली दीवार पार की और पीछे गेहूं के खेत में छलांग लगा दी। उस समय छत पर तीसरा किशोर भी मौजूद था, लेकिन वह डरकर वापस लौट आया। उससे भी पूछताछ की जा रही है।

 

गिनती में कमी मिलने पर मचा हड़कंप

 

शाम साढ़े चार बजे तक यूनिट-दो में 41 किशोर गिने गए थे, लेकिन एक किशोर के रिहा होने के बाद संख्या 40 हो गई। रात सात बजे जब दोबारा हेडकाउंट हुई तो केवल 38 किशोर मिले। इसके बाद सुधार गृह प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी।

 

एक किशोर गिरफ्तार, दूसरा अभी भी फरार

 

रात में पुलिस और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 16 वर्षीय किशोर को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, 17 वर्षीय दूसरा किशोर अभी तक फरार है। पुलिस ने उसके कानपुर स्थित घर पर छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिला। दो विशेष टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।

 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

 

सुधार गृह में कर्मचारियों की कमी गंभीर चुनौती बनी हुई है। केयर टेकर के छह पदों में से चार खाली हैं, और करीब 40 किशोरों की देखरेख के लिए केवल 13 कर्मचारी मौजूद हैं। इनमें दो केयर टेकर, नौ सेवा प्रदाता और चार होमगार्ड शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने कम स्टाफ के साथ प्रभावी निगरानी बनाए रखना मुश्किल है।

 

मुकदमा दर्ज, जांच जारी

 

यूनिट-दो के प्रभारी अधीक्षक श्याम प्रकाश दीक्षित की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सुरक्षा में हुई लापरवाही और कर्मचारियों की कमी के कारण निगरानी के कमजोर पड़ने के पहलुओं की जांच कर रही है। सीओ सिटी अभय नारायण ने बताया कि फरार किशोर की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

 

इस घटना के बाद प्रशासन ने सुधार गृहों की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और कर्मचारियों की तैनाती पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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