वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में, इटावा पुलिस ने “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत थाना बकेवर क्षेत्र में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना है।

बाल विवाह की घटनाओं पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) का माहौल बनाना, कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और समुदाय को संवेदनशील बनाना।

अभियान के दौरान पुलिस टीम ने मैरिज होम संचालकों, सभासदों, बैंड-बाजा संचालकों, ग्राम प्रधानों, हलवाइयों, मंडप व बैंक्विट हॉल मालिकों और मंदिरों के पुजारियों से विशेष रूप से संपर्क किया।

इन प्रभावशाली व्यक्तियों को बताया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और ऐसी किसी भी घटना में सहयोग करना या चुप्पी साधे रहना गैर-कानूनी है। उनसे समाज में जागरूकता फैलाने और पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया गया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 100 दिवसीय “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” (27 नवंबर 2025 से 08 मार्च 2026 तक) का एक हिस्सा है।
इस जागरूकता गतिविधि में थाना बकेवर पुलिस, SJPJ प्रभारी, थाना AHT (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) टीम और बाल संरक्षण अधिकारी मौजूद रहे।
इटावा पुलिस का यह प्रयास दर्शाता है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। समुदाय के प्रमुख हितधारकों को शामिल करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूकता का वातावरण तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है। यह अभियान बच्चों के सुरक्षित भविष्य और एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।









