कन्नौज में आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन के कारण टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ। उन्होंने जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की कोल्ड चेन में ताला नहीं खुलने दिया।
छिबरामऊ में पुलिस से बहस
छिबरामऊ में आंदोलन कर रहीं आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य अधिकारियों की बात मानने को तैयार नहीं हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी, लेकिन काफी देर तक बहस के बाद भी पुलिस कोल्ड चेन का ताला नहीं खुलवा सकी। यहां अधिकारियों व पुलिस के सामने आशाओं ने जमकर नारेबाजी की।
इसी तरह, कन्नौज में भी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं ने कोल्ड चेन रूम में अपना ताला लगा दिया। यहां न तो कोई अधिकारी ताला खुलवाने पहुंचा और न ही आशा कार्यकर्ताओं ने ताला खुलने दिया, जिससे टीकाकरण अभियान बाधित रहा।
आशा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “अभी करो, अर्जेंट करो-हमको परमानेंट करो।” उनकी मुख्य मांग स्थायी नियुक्ति की है। उन्होंने कहाकि जब तक सरकार आशाओं को स्थायी नही कर पा रही, तब तक 25 हजार रुपए महीने मानदेय दिलाया जाए।
इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में आशाओं के लिए विश्राम कक्ष बनवाए जाएं। ताकि रात में प्रसूताओं को लाने के बाद उन्हें रात्रि विश्राम के लिए अस्पताल में ही कमरा मिल सके। संगठन की जिलाध्यक्ष रानी देवी ने कहाकि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक वह लोग आंदोलन करती रहेंगी और काम काज प्रभावित होता रहेगा।









