नई दिल्ली।संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में वंदेमातरम् पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वाले वंदेमातरम् पर भी कब्जा करना चाहते हैं।इनके लोग अंग्रेजों के साथ मिलकर मुखबरी का काम करते थे।
वंदेमातरम् के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में चर्चा के दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि हमारे सत्तापक्ष के लोग हर चीज पर कब्जा करना चाहते हैं,जिस समय बीजेपी का गठन हो रहा था उस समय आपके अध्यक्ष जो चुने गए थे, उनको जो भाषण देना था उसपर भी बहस थी कि बीजेपी सेक्युलर रास्ते पर जाएगी या नहीं।तमाम विरोध के बाद उस समय के उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वही रास्ता अपनाया था, समाजवादी आंदोलन,समाजवादी विचारधारा,यही नहीं। उनके मंच पर जयप्रकाश की तस्वीर लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई कि वे उनके रास्ते पर चलेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि आप बताइए कितने सेक्युलर हैं। अखिलेश ने कहा कि गौरव गोगोई जी ने ठीक कहा कि इंडिगो के विमान उड़ाए नहीं जा रहे थे।क्या कहा गया था कि गरीब भी विमान में सफर करेगा।अखिलेश ने कहा कि वंदेमातरम् सिर्फ गाने के लिए नहीं है,उसको आत्मसात भी करना होगा,जिस वंदेमातरम् ने सबको जोड़ा आज के दरारवादी लोग उसी से देश को तोड़ना चाहते हैं।ऐसे लोगों ने पहले ही देश साथ दगा किया और आज भी कर रहे हैं।अखिलेश ने कहा कि जिन्होंने कभी आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया,वे वंदे मातरम् का महत्व कैसे समझेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा वंदेमातरम् वह दिखावा नहीं है,ना ही राजनीति का विषय है,जब उनके विचार सुनते हैं तो ऐसा लगता है कि वंदेमातरम् इनका ही बनवाया हुआ गीत है, जिन्होंने आजादी के आंदोलन में भाग ही नहीं लिया है, ये उसका महत्व क्या जानेंगे। अखिलेश ने कहा कि सत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है।सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहता है, ये लोग हर बात का श्रेय लेने चाहते हैं,जो महापुरुष इनके नहीं हैं,ये लोग उनपर भी कब्जा करने की कोशिश करते हैं। इनकी बातों से ऐसा लगता है कि वंदे मातरम् भी इन्हीं का बनवाया हुआ गीत है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इनमें से कई लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी और मुखबरी का भी काम करते थे।अंग्रेज बंटवारा करते थे।आज भी वही रास्ता कुछ लोग अपना रहे हैं। दरारवादी रास्ता अपना रहे हैं।इनका इतिहास खंगाला जाए तो इन्होंने आजादी के पहले और बाद में वंदेमातरम् क्यों नहीं गाया।आज जब हम वंदेमातरम् पर चर्चा कर रहे हैं तो यह भी बताया जाए कि कुछ लोगों ने वंदेमातरम् कब गाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि उन मुखबिरों से पूछा जाए कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने अपना गीत क्यों बनाया।ये झूठे राष्ट्रवादियों के लिए नहीं है।अखिलेश ने कहा कि जो पेंटिंग कभी बंगाल के महान लोगों ने बनाई थी।वंदेमातरम् के रूप में हमारे अंदर बसा है। यह सच्चे भारतीय के अंदर देशभक्ति की भावना जगाने के लिए दो शब्द ही काफी हैं जो इस वंदे मातरम् से हमें मिलते है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इनका इतिहास खंगाल लीजिए। चुनावी सभा में कभी ये लोग बाबासाहेब की तस्वीर नहीं लगाते थे।यह केवल गीत नहीं है, यह गीत के साथ-साथ हमें ऊर्जा भी देता है।उस समय क्रांतिकारियों को ऊर्जा मिलती थी। अखिलेश ने कहा कि हम सबको साथ लेकर चल रहे थे, देश के सभी लोग एक साथ मिलकर वंदेमातरम् के सहारे अंग्रेजों को हराने की पूरी कोशिश की।जब देश जागा तो वंदेमातरम् के साथ इंकलाब जिंदाबाद का भी नारा लगाया गया।यह संविधान से मिला हुआ गीत है इसलिए ना इसे किसी पर थोपने की कोशिश की जाए और ना ही दबाव बनाने की कोशिश करें।









