इटावा, 04 दिसंबर। इटावा जिला बार एसोसिएशन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सहायक श्रम आयुक्त कुलदीप सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। जिला बार के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और उनके विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई

बार एसोसिएशन ने उठाए गंभीर आरोप
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री नितिन तिवारी और अन्य पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को सौंपे माँग पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए:
1. सुविधा शुल्क की माँग: आरोप है कि सहायक श्रम आयुक्त कुलदीप सिंह कर्मकार क्षतिपूर्ति से संबंधित मामलों में आदेश पारित करने के लिए अधिवक्ताओं से “सुविधा शुल्क” की माँग करते हैं।
2. अभद्र व्यवहार: जो अधिवक्ता इस राशि को देने में असमर्थता जताते हैं, उनके साथ अधिकारी द्वारा गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया जाता है।
3. धमकी भरा बयान: बुधवार (03 दिसंबर) को जब अधिवक्ताओं ने शिकायत लेकर उनके कार्यालय का दौरा किया, तो अधिकारी ने उन्हें धमकी देते हुए कहा, “मेरी नज़र में वकील कुछ भी नहीं हैं… जिले के सब वकील मिलकर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।”
4. मनमानी कार्यप्रणाली: आरोप है कि वह अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों को लेने से इनकार कर उन्हें फेंक देते हैं और विधि विरुद्ध मनमाने आदेश पारित करते हैं।
बार एसोसिएशन के अनुसार, अधिकारी के इस धमकी भरे व्यवहार का पूरा वीडियो अधिवक्ताओं के पास सुरक्षित है।
जाँच की माँग और प्रशासन से अपील

इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, जिला बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप और निम्नलिखित कार्रवाई की माँग की है:
· सहायक श्रम आयुक्त कुलदीप सिंह के चल व अचल संपत्ति की विजिलेंस विभाग द्वारा त्वरित जाँच कराई जाए।
· अधिकारी की कार्यशैली और सेवा आचरण की गहन निष्पक्ष जाँच की जाए।
· मजदूरों और अधिवक्ताओं के साथ हो रहे अनैतिक व्यवहार पर रोक लगाई जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
न्याय की माँग को लेकर एकजुटता
इस महत्वपूर्ण मुलाकात में जिला बार एसोसिएशन के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। उनका कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ अधिवक्ताओं के गौरव का नहीं, बल्कि उन मजदूरों और पीड़ितों के न्याय का है, जिनके मामले इस अधिकारी के पास लंबित हैं।
जिलाधिकारी द्वारा शिकायत पर संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद यह मामला अब प्रशासनिक जाँच के दौर में है। इटावा की अधिवक्ता समुदाय और आम जनता इस मामले में निष्पक्ष त्वरित कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है।









