अयोध्या।योगी आदित्यनाथ सरकार ने रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर संग्रहालय बनवाने का ऐतिहासिक फैसला किया है।कैबिनेट बैठक में ये ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।मंदिर संग्रहालय 52 एकड़ जमीन में बनेगा।इसके अलावा राम मंदिर संग्रहालय को बनाने का काम टाटा एंड संस की तरफ से किया जाएगा।
रामनगरी अयोध्या को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने वाले एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।राम मंदिर संग्रहालय का निर्माण अयोध्या के माझा जमथरा क्षेत्र में 52 एकड़ जमीन पर किया जाएगा।यह संग्रहालय न केवल आकार में बड़ा होगा,बल्कि गुणवत्ता और निर्माण में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करेगा।
रामनगरी अयोध्या में योगी सरकार की तरफ से लगातार कई निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं,इससे न सिर्फ आने वाले दिनों में यूपी के लोगों को लाभ मिलेगा,बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी,इसी को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।योगी सरकार के इस कदम से न सिर्फ रामनगरी अयोध्या का विकास होगा,बल्कि आने वाले दिनों में नए-नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
रामनगरी अयोध्या में बनाए जाने वाले राम मंदिर संग्रहालय को खासकर आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।इसमें सनातन परंपरा को आम लोग आसानी से समझ सकेंगे,इसके अलावा इसमें ही कई विषयों पर विस्तृत जानकारी मौजूद रहेगी,जिसमें वेद-पुराण और प्राचीन भारतीय साहित्य का महत्व, भारत की समृद्ध मंदिर वास्तुकला के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी मिलेगी।
बता दें कि राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।हाल ही में राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई गई है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धर्म ध्वज को फहराया था।धर्म ध्वज समकोण त्रिभुजाकार है,इसकी ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फीट है।धर्म ध्वज पर दीप्तिमान सूर्य का चित्र बना है जो भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक है।इसमें ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष का चिह्न भी अंकित है।









