इटावा। जिले की सबसे बड़ी सांस्कृतिक और व्यावसायिक घटना, नुमाइश का उद्घाटन आगामी 7 दिसंबर को होना तय हुआ है, लेकिन इसके ठीक पहले ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तारीख की घोषणा के बावजूद, स्थानीय और बाहर से आए सैकड़ों व्यापारियों को अभी तक नुमाइश परिसर के अंदर जाने तक की इजाजत नहीं मिली है, जिससे उनमें रोष और अनिश्चितता का माहौल है।
व्यापारी इस उलझन में हैं कि आखिर उन्हें उनकी दुकानें कब और कहाँ आवंटित की जाएंगी। समय कम बचने के कारण उन्हें अपनी दुकानें लगाने और सामान व्यवस्थित करने को लेकर चिंता सता रही है।
इस समस्या के समाधान के लिए, नुमाइश में भाग ले रहे व्यापारियों ने व्यापार मंडल इटावा के जिला अध्यक्ष श्री आलोक दीक्षित से रूबरू होकर अपनी परेशानी बताई और मांग की कि उनका पक्ष जिला प्रशासन और नुमाइश कमेटी के सामने रखा जाए।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस बारे में व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष श्री आलोक दीक्षित ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “व्यापारियों की चिंता समझी जा सकती है। हमने उनकी बात प्रशासन के समक्ष रखी है और शीघ्र ही सभी को नुमाइश के अंदर उचित स्थान आवंटित कर दिए जाएंगे।”
नुमाइश में इस बार नए बदलाव
गौरतलब है कि इस बार की नुमाइश में कई नए बदलाव किए गए हैं। नुमाइश कमेटी ने परिसर के नक्शे और रास्तों में बदलाव किया है, जिसकी वजह से दुकानों के आवंटन में कुछ देरी हो रही है। साथ ही, नगर पालिका की टीम द्वारा व्यापक सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि नुमाइश को और भी आकर्षक बनाया जा सके।
अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं, कि कब तक व्यापारियों को उनकी दुकानों के स्थान आवंटित करके इस अनिश्चितता को दूर किया जाता है।









