इटावा, 31 अक्टूबर 2025: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना जसवंतनगर पुलिस ने “NCL Awareness 2.0” अभियान के तहत एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम हिंदू विद्यालय, जसवंतनगर में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) जैसे नए आपराधिक कानूनों से अवगत कराना था।
“दंड से न्याय की ओर” का संदेश
कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम ने “दंड से न्याय की ओर” की केंद्रीय अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि ये नए कानून न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक-समर्थित बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
नए कानूनों की मुख्य विशेषताएं
लोगों को इन कानूनों की प्रमुख विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया गया, जिनमें शामिल हैं:
· जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर की सुविधा, जिससे शिकायत दर्ज करना आसान हुआ है।
· महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मजबूत प्रावधान।
· संगठित अपराध और साइबर अपराध पर कठोर सजा का प्रावधान।
· फॉरेंसिक साक्ष्य का अनिवार्य उपयोग।
· पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को बढ़ावा।
संवादात्मक सत्र का आयोजन
इस दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ पुलिस टीम ने नागरिकों के सवालों के जवाब दिए और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इसके माध्यम से उपस्थित लोगों को नए कानूनों की उपयोगिता, न्यायिक प्रक्रिया और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया।
इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को कानूनी रूप से सशक्त बनाना और न्याय प्रणाली में उनके विश्वास को मजबूत करना है









