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February 15, 2026 2:25 am

विश्व सर्प दिवस 16 जुलाई विशेष सिर्फ जागरूकता ही बचाव है

बरसात के मौसम में ज्यादा होता है सर्पदंश अतः रहें हमेशा ही सावधान

स्कूल,ऑफिस घर में रखें सफाई का विशेष ध्यान: सर्पमित्र – डॉ आशीष त्रिपाठी

इटावा। बरसात के मौसम में खेतों या खाली पड़े प्लाटों में मिट्टी में बने बिलों में पानी भर जाने से विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े सर्प अपने बिलों को छोड़कर जमीन से बाहर आते है और अपने भोजन और जान बचाने की जुगाड़ में सुरक्षित ठिकाने को तलाशते हुए आपके घर, स्कूल या ऑफिस में आसानी से प्रवेश कर जाते है।

 

यही कारण है कि, प्री – मानसून शुरू होते ही हमारे आस पास सर्पों की हलचल बढ़ जाती है। लेकिन इनसे इतना ज्यादा डरना भी जरूरी नहीं है क्यों कि,सभी छोटे बड़े सर्प जहरीले ही नहीं होते है अतः बेवजह ही न डरें और न ही किसी सर्प को बेवजह ही मारें।

 

क्या हमारे आस पास दिखने वाले सभी सर्प जहरीले है?

 

ऐसा सच नहीं है क्यों कि पूरे भारत में सिर्फ बिग फोर प्रजाति के 4 मुख्य सर्पों में कोबरा,करैत,रसल वाइपर, सॉ स्केल्ड वाइपर को छोड़कर सभी सांप जहरीले भी नही होते है कुछ आंशिक जहरीले हो सकते है अतः अपने आस पास कोई सर्प देखकर बेवजह घबराने या शोर मचाने की आवश्यकता नही है।

 

अब यदि वर्ष भर का विश्लेषण करें तो आप देखेंगे कि, जनपद इटावा में खतरनाक न्यूरोटोक्सिक वेनम के सर्पों की प्रजाति में (शहरी क्षेत्र में) सिर्फ कोबरा और करैत की ही मौजूदगी देखी गई है। ग्रामीण और शहरी दोनो इलाको में देखा जाए तो विषधारी सांपों में कोबरा,करैत और विषहीन प्रजाति में घोड़ा पछाड़ चेकर्ड, दो मुंही,लाइकोडॉन,कॉमन कुकरी, ट्रिंकेट या अजगर भी देखने को मिलते ही रहते है।

जनपद में स्पेक्टिकल कोबरा सांप से करैत की संख्या अभी कुछ कम देखी जा रही है ।

 

अब जान लीजिए कि,कोबरा,करैत के साथ (इटावा के चम्बल क्षेत्र में पाया जाने वाला खतरनाक सर्प) रसल वाइपर ,(इटावा में न के बराबर दिखाई देने वाला छोटा सर्प) सॉ स्केल्ड वाइपर यदि आपको कभी काट भी ले तो सबसे पहले आप क्या करेंगे ?

 

कोबरा,करैत सांप या किसी खतरनाक वाइपर के काटने पर सिर्फ एंटीवेनम इंजेक्शन से ही उपचार संभव होता है इसके विपरित झाड़ फूंक कराने से आपके परिजन को सिर्फ दर्दनाक मौत ही मिलती है।

 

अब ऐसे में आपको क्या करना है ?

 

सबसे पहले सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति या महिला के हाथ या पैर में हल्का बन्ध (अंगोछे से दुपट्टे से) कलाई या कोहनी के ऊपर लगा दें। पैर में काटा हो तो एड़ी और घुटने के ऊपर बांध दें फिर उसे बाई करवट लिटाकर बिना हिले डुले सीधे बिना किसी देरी के जिला चिकित्सालय इटावा (मोती झील अस्पताल ) के कमरा नंबर तीन में या आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई इमरजेंसी ले जाएं और चिकित्सक के अनुसार उपचार कराएं।

 

सर्पों की सही और सरल पहचान करने के लिए इमरजेंसी वार्ड के कमरा नम्बर 3 में हमारी संस्था ओशन द्वारा सर्पदंश पहचान का एक विशेष पोस्टर लगाया गया है। जिसमे देखकर सांप को आसानी से पहचाना जा सकता है अतः पहचान के लिए सांप को मारकर अस्पताल तक साथ ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है ।

 

कोई भी सांप काट ले तो तुरंत हमारी इस हेल्पलाइन 7047204213 पर संपर्क करें।

 

खतरनाक बिग फोर सर्पों की प्रजाति में से किसी के भी काटने के बाद किसी भी अपने जानने वाले या अंधविश्वास में डूबे व्यक्ति के जोर देकर कहने या बरगलाने पर किसी भी गांव के ओझा/भगत से झाड़ फूंक न कराएं।

 

कोबरा करैत के दंश से पीड़ित व्यक्ति की झाड़ फूंक कराने पर 100% मौत ही होती है अतः अपने विवेक और बुद्धि का सही समय पर सही प्रयोग करें।

 

सर्पदंश विशेषज्ञ डॉ आशीष त्रिपाठी की सभी को सलाह

 

सर्प दंश जागरूकता विषय पर जनपद इटावा में पिछले 8 वर्षों से रेस्क्यू के साथ साथ जागरूकता का महत्वपूर्ण कार्य कर रही संस्था “ओशन” के महासचिव,वन्यजीव एवम सर्पदंश विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी का कहना है कभी भी सर्पदंश होने की दशा में अपने परिजनों की अमूल्य जान किसी भी अंधविश्वास में पड़कर मत गंवाईये क्यों कि,आपके परिजनों का जीवन अमूल्य है और सर्पदंश के केस में रोगी को काट लेने के एक घण्टे के अंदर ही इलाज मिलना सबसे आवश्यक होता है। अतः किसी जहरीले सर्प के काट लेने पर कृपया इधर उधर न भटकें बल्कि,सीधे जिला अस्पताल जाकर अपना इलाज करवाये और सुरक्षित रहें।

 

अब सर्पों को क्यों न मारे यह भी समझ लीजिए

 

सर्प पृथ्वी पर करोड़ों वर्षों से हम सबके साथ रहते चले आए है और वे सिर्फ हमारे आपके घरों और खेतों में घूमने वाले चूहों को ही खाने के लिए आते है। अब यदि आप खाद्य श्रृंखला को समझे तो देखेंगे कि,चूहे सर्पों का मुख्य भोजन भी है। और चूहे हमारे अनाज, कपड़े, किताबें, सामान आदि का बड़ा नुकसान करते है।

किसानों के खेतों में घुसे चूहे फसल की उत्पादकता को घटा देते है जिन्हें केवल सर्प ही खाकर प्रकृति में प्राकृतिक रूप से कंट्रोल कर सकते है। इसलिए कृपया सर्पों को बिलकुल भी न मारें । और हां सर्प कभी भी आप पर हमला नहीं करते है न ही काटते है जब तक की आप उन्हें वेवजह परेशान न करें या उनपर अपना पैर न रखें।

 

अब जरा इस वाक्य को हमेशा ही रखें ध्यान

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झाड़ फूंक से जाए जान, एंटीवेनम ही बचाये प्राण।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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