इटावा कांग्रेस जिला महामंत्री कानपुर ने सीएमओ प्रकरण मामले में भाजपा एवं उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे
दलित सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी की वहां के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के साथ भिडंत हो गई
दोनो ओर से जमकर आरोप लगे
योगी आदित्यनाथ ने न कोई जांच कमेटी बनाई, न ही जांच ऑर्डर की। सीधे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के पक्ष में फैसला सुना दिया
सीएमओ को निलंबित कर दिया गया। दूसरा सीएमओ तैनात कर दिया गया। जबकि डॉ हरिदत्त नेमी ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह पर एक सीबीआई से चार्जशीटेड फर्म का फेवर करने और उन्हें जातिगत अपशब्द कहने का संगीन आरोप लगाया था
सीएमओ हरिदत्त नेमी हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने निलंबन के आदेश पर स्टे दे दिया। इस बात का खासतौर पर जिक्र किया कि बिना किसी जांच के कैसे एक्शन लिया गया?
सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी वापिस अपने चैंबर में पहुंचे। ज्वाइन किया
अब योगी की प्रतिबद्धता देखिए। वे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के साथ और भी मुस्तैदी से खड़े हो गए
हाईकोर्ट की बहाली के आदेश के बाद शासन स्तर से एक नया आदेश जारी किया गया। और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के आरोपों का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी के खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी गई
जांच के लिए एक माह का समय मुकर्रर किया गया और उन्हें सहयोग करने के लिए कहा गया
इतना ही नहीं, नए तैनात सीएमओ ने भी एक आदेश जारी कर दिया कि हरिदत्त नेमी को कोई रिपोर्ट न करे। उनसे कोई भी आर्डर न लिए जाएं, वरना एक्शन होगा
कांग्रेस जिला महामंत्री अम्बुज त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को जातिवादी एवं दलित विरोधी बताते हुये कहा
योगी ने बिठा दी दलित सीएमओ पर जांच!
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह पर न आई कोई आंच
योगी का यही इंसाफ है
सीएमओ को पहले निलंबित किया हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी लेकिन योगी सरकार ने फिर जाँच बिठा दी
यानि सीएमओ का बिना जाँच ही सस्पेंशन और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह पर कोई कार्यवाही नहीं क्योंकि जिलाधिकारी सजातीय है











