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February 16, 2026 7:39 am

फूड एक्ट में विसंगतियों के खिलाफ व्यापार मंडल नें भरी हुंकार, मुख्यमंत्री उ प्र को संबोधित 14 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया, सैंपलिंग की आड़ में बंद हो व्यापारियों का उत्पीड़न

इटावा-आज खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत व्यापारियों पर की जा रही करवाई समेत 14 सूत्री मांगों को लेकर आज उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित के नेतृत्व एवं जिला प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान की मौजूदगी में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सौपे गए इस ज्ञापन में व्यापारियों की मांग थी कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही से व्यापारियों को आरही परेशानियों को समय से दूर किया जाए।इसके साथ ही खा‌द्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में रजिस्टेशन के लिए 12 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा तय की गई है, परन्तु 12 लाख रूपये की सीमा मंहगाई के हिसाब से बहुत कम है। अतः आपसे अनुरोध है कि 12 लाख टर्न ओवर के स्थान पर 40 लाख वार्षिक टर्न ओवर करने की मांग की गई।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में फूड एक्ट का लाइसेंस न पाए जाने पर सजा का प्राविधान खत्म किया जाये। जुर्माना अधिकतम रजिस्टेशन व लाइसेंस फीस का दोगुना किया जाये।प्रशासनिक अधिकारी अपर जिला मजिस्ट्रेट आदि को न्याय निर्णयक अधिकारी राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किये गये हैं। प्रशासनिक अधिकारी प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे न्याय निर्णय में समय लगता है। समय लगने से व्यापारी उत्पीड़न को बढ़ावा मिलता है तथा तकनीकी जानकार न होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी मात्र अधिकतम जुर्माना वसूल करना चाहते हैं वह वाद को गुण दौषों के आधार पर तय करने की इच्छा नहीं रखते। खा‌द्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (फूड एक्ट) के लिये पूर्णकालिक न्याय निर्णायक अधिकारी की नियुक्ति की जानी आवश्यक है, जिससे व्यापारी को शीघ्र न्याय मिल सके।

खाद्य पदार्थों की पैकिंग की आईटम में रिटेल का व्यापारी कोई मिलावट या कमी नहीं कर सकता है एवं का खा‌द्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में दिये गये पैकिंग एण्ड लेवलिंग एक्ट के कानूनों को पूरा करने में रिटेल व थोक के व्यापारी का कोई योगदान नहीं है। पैकिंग कम्पनियों द्वारा तैयार कर भेजी जाती है, न्याय निर्धारण अधिकारी द्वारा कम्पनियों के साथ-साथ रिटेल व थोक के व्यापारियों को भी दण्डित किया जा रहा है। अतः आपसे अनुरोध है कि पैकिंग के सामान में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाने पर सिर्फ पैकिंग करने वाले फर्म या कम्पनी को ही दोषी माना जाए, होलसेलर व रिटेलर को दण्डित न किया जाये।इन मांगों के समेत कई अन्य मांगे भी थी जिसे जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई।सैम्पलिंग के समय व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए, जिससे सही प्रकार सैम्पलिंग की कार्यवाही पूर्ण हो सके तथा व्यापारी का उत्पीड़न न हो सके तथा व्यापारी से विभाग के विचौलियों द्वारा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली न हो सके।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में निर्माताओं से ऑनलाइन सालाना व छमाही रिटर्न मॉगी जा रही है। निर्धारित समय पर जमा न करने पर रू0 100 प्रतिदिन लेट फीस लगाई जा रही है, जिन व्यापारियों की पूर्व में रिटर्न जमा नहीं है, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। रिटर्न जमा करने पर पिछला मांगा जा रहा जुर्माना समाप्त करने के आदेश पारित करने की कृपा करे एवं कुटीर घरेलू व मझौले उद्योग इसकी पूर्ति न कर पाने के कारण नष्ट हो जाएंगे। अतः आपसे अनुरोध है कि 5 करोड़ तक टर्न ओवर वाले निर्माताओं से ऑनलाइन सालाना व छमाही रिटर्न की व्यवस्था समाप्त करने की कृपा करें। जानकारी के अभाव में बहुत सारे व्यापारी समय से एनुवल रिटर्न (डी-वन फार्म) नहीं जमा कर पाए हैं। ऐसे व्यापारियों से भारी जुर्माना वसूला जा रहा है। आपसे अनुरोध है कि समाधान योजना चलाकर पिछला जुर्माना माफ किया जाये तथा जुर्माने के रूप में जमा कराई गई धनराशि व्यापारी को वापिस की जाए।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सभी मामलों को अदालतों में भेजा जा रहा है। एक्ट में दी गई धारा-69 के अनुसार अधिकांश मामलों को शमन शुल्क जमा कराकर समाप्त किया जा सकता है। अधिकांश सभी विभागों में भी अनावश्यक मुकदमें आदि से बचने के लिए शमन शुल्क जमा कर मुकदमा समाप्त करने की व्यवस्था की गई है। शमन शुल्क व्यवस्था लागू करने से सरकार पर भी अनावश्यक मुकदमों के बोझ का भार कम होगा। अतः अभिहीत अधिकारी कार्यालय में शमन शुल्क जमा कराने की व्यवस्था लागू की जाए।

प्रत्येक जिले में अनकों रजिस्टेªशन अधिकारी हैं, जिन्हें फील्ड का काम भी करना होता है। अतः आपसे अनुरोध है कि प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्टेªशन अर्थोरिटी नियुक्त करने की कृपा करंे। रजिस्टेªशन अधिकारी को फील्ड का कार्य न दिया जाए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा सैम्पिल लेते समय रिटेल के व्यापारियों को लिये गये सामान का भुगतान नहीं किया जा रहा है व फार्म 5ए भरकर मौके पर नहीं दिया जाता है, जिससे व्यापारी का उत्पीड़न हो रहा है। अतः आपसे अनुरोध है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये जाऐं कि सैम्पिल भरे जाते समय फार्म-5 पूरी तरह से भरकर व्यापारी को मौके पर उपलब्ध कराऐं तथा सैम्पिल के लिए प्राप्त किये गये सामान का भुगतान व्यापारी को करना सुनिश्चित करें।

सैम्पलिंग के समय व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए, जिससे सही प्रकार सैम्पलिंग की कार्यवाही पूर्ण हो सके तथा व्यापारी का उत्पीड़न न हो सके तथा व्यापारी से विभाग के बिचौलियों द्वारा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली न हो सके।

सरकार द्वारा प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी का सैम्पिल का टारगेट निर्धारित किया गया है, जिस वजह से व्यापारी का उत्पीड़न हो रहा है। सैम्पलिंग की व्यवस्था मिलावट रोकने के लिए की जाए न्यूनतम अधिकतम सैम्पिल का टारगेट व्यवस्था समाप्त की जाए।

औद्योगिक इकाइयों में केन्द्रीय लाइसेंस होने पर केन्द्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी व प्रान्तीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी दोनों विभागों द्वारा अलग-अलग जॉच, सर्वे सैम्पलिंग के अधिकार दिए गए हैं, जिससे भ्रष्टाचार व व्यापारी उत्पीड़न को बढ़ावा मिल रहा है। एक देश एक कानून एक अधिकारी एक दफ्तर की व्यवस्था को लागू किया जाए।

 खेती में कीटनाशक व रासायनिक खाद डालने का मानक तय नहीं है। अंधाधुंध कीटनाशक व रासायनिक खादों का प्रयोग खेती में किया जा रहा है। सिंचाई के लिए प्रयोग किये जाने वाला जल पूरी तरीके से दूषित हो चुका है, जिससे हमारे यहॉ के खेती से प्राप्त होने वाले खाद्ययान में रासायन व कीटनाशक भारी मात्रा में पाए जा रहे हैं, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है। परन्तु खाद्यय सुरक्षा मानक अधिनियम के मानकों मंे बदलाव नहीं किया गया है। अतः आपसे अनुरोध है कि वर्तमान परिस्थिति के अनुसार खाद्यय पदार्थों के मानक तय किये जायें तथा कृषि विभाग को खेती में प्रयोग होने वाले कीटनाशक व रासायनिक खाद के मानक तय करने के लिए लिखा जाए। जब तक नए सिरे से मानक तय नहीं किये जाते हैं। व्यापारियों के सैम्पिल न भरे जाएं।

 वर्तमान समय में भारी मात्रा में खाद्य पदार्थों का व्यापार ऑनलाइन फूड चेन सप्लाई व मल्टी नेशनल कम्पनियों के द्वारा किया जा रहा है, परन्तु ऑनलाइन फूड सप्लाई के डिलीवरी करने वाले व्यक्तियों के पास फूड लाइसेंस नहीं है। अतः आपसे अनुरोध है कि सभी ऑनलाइन व फूड चेन सप्लाई डिलीवरी करने वाले व्यक्यिों के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के अनुसार रजिस्टैªशन व लाइसेंस बनवाये जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा मल्टी नेशनल कम्पनी व फूड सप्लाई चेन के डिलीवरी होने वाले सामानों की सैम्पलिंग नहीं की जा रही है। अतः आपसे अनुरोध है कि ऑनलाइन फूड सप्लाई चेन की सैम्पलिंग भी नियमानुसार की जाये, जिससे आम जनता को सही सामान मिलना सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर प्रदेश मंत्री गुड्डी बाजपेई, युवा प्रदेश अध्यक्ष अक्षय प्रताप सिंह चौहान,जिला कोषाध्यक्ष कामिल कुरैशी,जिला उपाध्यक्ष अशोक जाटव, हाजी शेख आफताब, सरदार मनजीत सिंह, हाजी गुड्डू मंसूरी, इरशाद मेव,महिला जिला अध्यक्ष अर्चना कुशवाहा, युवा जिलाध्यक्ष रियाज, युवा शहर अध्यक्ष बल्लू मंसूरी, सुशीला राजावत,ममता दुबे, सोनी यादव,देव गुप्ता,सौरभ द्विवेदी,कफील खान, सिकंदर वारसी, भारतेन्द्र भारद्वाज राहत हुसैन रिजवी, कामरान खान,अजीत कुमार,विक्कू यादव,तनु वर्मा,अंजू यादव , मंजू लता द्विवेदी, चित्रा परिहार ,सै लकी, जैनुल आबेदीन राइन,सफर टेलर, सुनील भदौरिया, नदीम मेव,मनोज भदौरिया, राघवेन्द्र सिंह, शमशुद्दीन अंसारी सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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