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September 16, 2026 10:08 am

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उत्तर प्रदेश के कर्मचारी नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 1 मई को होने वाले धरने को दिया समर्थन, ओपीएस बहाली की माँग को लेकर जुटेंगे हजारों कर्मचारी  

इटावा। राज्य स्वायत्त शासन कर्मचारी परिषद (उत्तर प्रदेश) के प्रांतीय अध्यक्ष कुशल पाल सिंह (बुलंदशहर) और प्रांतीय महामंत्री राजीव यादव (इटावा) ने 1 मई 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय तहसील एवं राजस्व कर्मचारी संघ (अटेवा) द्वारा आयोजित किए जाने वाले विशाल धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

 

कर्मचारी नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी एकता को हमें महाशक्ति बनाकर ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाल करानी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आधिकारिक समर्थन पत्र अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय बंधु को भेज दिया गया है।

 

नेताओं ने कहा कि इस ऐतिहासिक धरने में उत्तर प्रदेश के निकाय कर्मचारियों की भारी संख्या में भागीदारी होगी। यह आंदोलन सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश होगा कि कर्मचारी अपने हक के लिए एकजुट हैं और ओपीएस बहाली की माँग पर कोई समझौता नहीं होगा, उन्होंने जोर देकर कहा।

 

क्यों है यह आंदोलन महत्वपूर्ण

– ओपीएस बहाली की माँग को लेकर देशभर के कर्मचारी संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।

– 1 मई (मजदूर दिवस) को दिल्ली में होने वाले इस धरने में हजारों कर्मचारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

– उत्तर प्रदेश के निकाय कर्मचारी बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे, जिससे आंदोलन को और बल मिलेगा।

 

इस आंदोलन के सफल होने से केंद्र और राज्य सरकारों पर ओपीएस बहाल करने का दबाव बढ़ सकता है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने हमारी माँग नहीं मानी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 

ओपीएस_बहाली_की_लड़ाई | कर्मचारी_आंदोलन | 1मई_जंतरमंतर_धरना

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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