इटावा 21 मार्च, 2025 उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया को लेकर बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में भारी आक्रोश है। पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की अवैधानिक नियुक्ति और निजीकरण की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए कदमों के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने 09 अप्रैल को लखनऊ में एक विशाल रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। इस रैली में देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
अवैधानिक प्रक्रिया पर आक्रोश
बिजली कर्मचारियों का आरोप है कि पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बिजली के निजीकरण के लिए टेक्निकल और फाइनेंशियल बीड खोलने में अवैधानिक प्रक्रिया अपनाई है। संघर्ष समिति ने कहा है कि यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के खिलाफ है। संघर्ष समिति ने इस मुद्दे को आम जनता के सामने रखने के लिए प्रत्येक जिले में बिजली पंचायत और विरोध सभाएं आयोजित की हैं।
इटावा में विरोध प्रदर्शन
इसी क्रम में, संयुक्त संघर्ष समिति इटावा के संयोजक विवेक कुमार सिंह, सह-संयोजक आनंद पाल, अधिशासी अभियंता एच.पी. मिश्रा, सचिव गगन अग्निहोत्री, राहुल कुमार, पीयूष मौर्य, वीरेंद्र बाबू, राम जी, मदन यादव और अन्य साथियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विरोध सभा आयोजित की।
राष्ट्रीय समन्वय समिति का समर्थन
आज कोलकाता में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स) की बैठक में उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के संघर्ष को खुला समर्थन दिया गया। समिति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति की अवैधानिक प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न किया गया तो देश के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
09 अप्रैल को लखनऊ में विशाल रैली
राष्ट्रीय समन्वय समिति ने यह भी निर्णय लिया कि 09 अप्रैल को लखनऊ में होने वाली रैली में देश के सभी प्रांतों के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इस रैली में बिजली के निजीकरण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में बिजली पंचायत
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में बिजली पंचायत की। सहारनपुर की बिजली पंचायत में सहारनपुर और खारा जल विद्युत परियोजना के बिजली कर्मचारी शामिल हुए, जबकि मुजफ्फरनगर की बिजली पंचायत में मुजफ्फरनगर और शामली के बिजली कर्मचारी शामिल हुए।
संघर्ष समिति का आह्वान
संघर्ष समिति ने सभी बिजली कर्मचारियों से 09 अप्रैल को लखनऊ में होने वाली विशाल रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण की अवैधानिक प्रक्रिया तत्काल निरस्त नहीं की गई तो बिजली कर्मचारी निर्णायक संघर्ष के लिए मजबूर होंगे।
संपर्क
विवेक कुमार सिंह
संयोजक, संयुक्त संघर्ष समिति, इटावा
मोबाइल: [संपर्क नंबर]
ईमेल: [ईमेल आईडी]
नोट यह प्रेस नोट संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी किया गया है। अधिक जानकारी के लिए कृपया उपरोक्त संपर्क विवरण का उपयोग करें।









