सैफई (इटावा) 12 मार्च 2025 उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई फैकेल्टी एंड डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफडीए)द्वारा सरकार एवं प्रमुख सचिव के विरुद्ध वेतन संरचना में असमानता को लेकर देर शाम मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में एक मौन विरोध प्रदर्शन किया गया। संकाय सदस्यों एवं डॉक्टरों ने विश्वविद्यालय परिसर में कैंडल मार्च निकालकर अपनी माँगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध प्रदर्शन किया।
एफडीए अध्यक्ष (यूपीयूएमएस)डॉ नरेश पाल सिंह ने बताया कि चिकित्सा शिक्षकों एवं डॉक्टर्स को उनके अनुभव एवं योग्यता के अनुसार उचित वेतन नहीं दिया जा रहा है जो की अन्य शैक्षणिक संस्थाओं की तुलना में वेतन संरचना में बड़ा अंतर को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि हमारे विश्वविद्यालय के एक्ट के नियमानुसार विश्वविद्यालय में चिकित्सा शिक्षकों और डॉक्टर्स का वेतन मान एसजीपीजीआई लखनऊ के समतुल्य है जो की सातवें वेतन मान लागू होने के बाद उनका वेतन मान पुर्नक्षित किया जा चुका है लेकिन हमारे विश्वविद्यालय का वेतनमान अभी तक पुर्नक्षित नहीं हुआ।
एफडीए सचिव डॉ राफे रहमान ने बताया कि सरकार द्वारा पूर्व में ही किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ, राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के चिकित्सा शिक्षकों और डॉक्टर्स का वेतन पुर्नक्षित कर दिया गया लेकिन हमारे विश्वविद्यालय को उपेक्षित रखा गया क्योंकि सरकार द्वारा आठवां वेतन आयोग को लागू करने का प्रस्ताव प्रस्तावित हो गया है जिसके कारण सातवें वेतन मान के संदर्भ में जो वेतन असमानताएं हैं अगर आठवां वेतन मान लागू होता है तो यह असमानताएं और अधिक हो जाएंगी जिससे विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षकों और डॉक्टर्स की वेतन असमानताएं और अधिक बढ़ जाएंगी इसीलिए हम सभी कुछ सप्ताह से काली पट्टी बांधकर विरोध पर प्रदर्शन करते आए हैं और आज इस कैंडल मार्च द्वारा विरोध प्रदर्शन किया है और यह क्रम जारी रहेगा।
एफडीए उपाध्यक्ष डॉ विश्व दीपक ने बताया कि उक्त प्रकरण के संदर्भ में विश्वविद्यालय द्वारा विगत कुछ सप्ताह पूर्व माननीय एमएलसी श्री मुकुल यादव के संज्ञान में यह पूरा मामला लाया गया उनके द्वारा विधानसभा पटल पर भी यह मुद्दा रखा गया जहां आश्वासन प्रदान किया गया कि जल्द ही वेतन असमानता संदर्भित समस्याओं का हल निकाला जाएगा लेकिन अभी तक कोई भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं इसीलिए एफडीए द्वारा विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ पीके जैन और शासन के प्रमुख सचिव व अन्य उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया गया है और उन्हें विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में पूर्व में ही सूचित कर दिया गया है इसी क्रम में हम इस पूरे सप्ताह कैंडल मार्च निकालेंगे अगर सरकार द्वारा जल्द ही हमारी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो आगे कार्य बहिष्कार भी किया जा सकता है।
इस विरोध प्रदर्शन में यूपीयूएमएस के सभी संकाय सदस्य, डॉक्टर एवं कर्मचारी शामिल हुए और उन्होंने सरकार से शीघ्र समाधान की माँग की।











