इटावा। हज़रत दीन अली व मस्तान शाह बाबा के उर्स मुबारक के मौके पर नातियां मुशायरे का आयोजन किया गया। मुकर्रर खुसूसी अब्दुल वाजिद अशरफी, सरपरस्ती हाजी मुईनुद्दीन अशरफी गुड्डू मसूरी, मेहमाने खुसूसी हाजी फहीमउद्दीन वारसी, सदारत हाजी हन्नान चांद मंसूरी ने निजामत मशहूर शायर रौनक अशरफी इटावी ने की। कारी उमर बरकाती ने तिलावते कुरआन पाक आगाज़ किया। हाशिम नाईमी ने कहा किस दरजा नवाजा है मुझ को में एक कतरा था समन्दर हो गया। यासीन अंसारी ने कहा अकीदत से नाते नबी जब लिखी है मुझे यूं लगा रौशनी मिल गई है। रियाज़ इटावी ने कहा दुनिया के खजाने हो मुबारक तुझे मेरे लिए ईमान की दौलत ही बहुत है। निजामत कर रहे रौनक इटावी ने कहा
पहुंचे नबी मेराज पे आओ रब ने कहा आज की शाब मेहबूब से पर्दा कोई नहीं। साबिर हुसैन, नदीम अहमद एडवोकेट, कमर इटावी, हादी हसन, सागर इटावी, हाफिज मोहम्मद अहमद अकबरी, हाफिज परवेज़ आलम, जहांगीर मुम्बई, शाहनवाज मुम्बई, इसरार अहमद मिसबाई आदि ने कलाम पेश किए मुशायरे के कन्वीनर वाईके शफी, ज्वाईंट कन्वीनर कासिम, दिलशाद पहलवान, मो शारिक, औसाफ, दरगाह ख़ादिम शाहिद वारसी ने आये हुए मेहमानों का शाल ओढ़ाकर गुलपोशी करके इस्तकबाल किया। इस मौके पर हाजी अज़ीम वारसी, हाजी राईस चिश्ती, अहमद अली वारसी, क़माल चिश्ती इन्तजार खां, शोऐब वारसी, मास्टर अरमान वारसी मौजूद रहे।









