इटावा: महाकुंभ 2025 के लिए इटावा डिपो ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। *नवागंतुक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक सिंह ने बताया कि कुंभ मेले के लिए द्वितीय चरण की बसों का संचालन *24 जनवरी से 7 फरवरी 2025 तक किया जाएगा। इस दौरान मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे बड़े स्नान पर्व शामिल हैं।
द्वितीय चरण की तैयारियां पूरी
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने जानकारी दी कि कुंभ मेला में यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा डिपो की बसों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, हमारी बसें तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट हैं।* इसमें हमारे तकनीकी स्टाफ की मेहनत और योगदान सराहनीय है।
पार्किंग की व्यवस्था
कुंभ मेले में बसों की पार्किंग के लिए नेहरू पार्क कॉलेज में स्थान निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था यात्रियों को सुविधा देने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए की गई है।
स्टाफ और संसाधन भेजने की व्यवस्था
कुंभ मेले में सेवाएं सुचारु रखने के लिए इटावा डिपो से विशेष स्टाफ और संसाधन भेजे जा रहे हैं
फोरमैन: दो फोरमैन पहले से ही ड्यूटी पर तैनात हैं।
तकनीकी स्टाफ: 6 तकनीकी विशेषज्ञ भेजे जा रहे हैं।
लिपिक संवर्ग: एक केंद्र प्रभारी, तीन बुकिंग क्लर्क, और एक कार्यालय सहायक की भी तैनाती की जा रही है।
आवश्यकतानुसार स्टाफ: जैसे-जैसे जरूरत पड़ेगी, अतिरिक्त स्टाफ और बसें तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी।
यात्रियों की सुविधाओं पर जोर
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक सिंह ने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सेवा प्रदान करना है। कुंभ मेला जैसे विशाल आयोजन के लिए हमारी तैयारियां हर स्तर पर पूरी हैं।
तकनीकी दक्षता और सहयोग
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने तकनीकी स्टाफ की भूमिका की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा, कुंभ मेला में बसों की तकनीकी स्थिति को बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन हमारे स्टाफ ने इसे बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया है।
महाकुंभ के लिए विशेष महत्व
महाकुंभ एक ऐसा धार्मिक आयोजन है जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात प्रबंधन एक अहम भूमिका निभाता है। इटावा डिपो ने इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया है और यह सुनिश्चित किया है कि यात्री किसी भी परेशानी का सामना न करें।
आगे की योजना
डिपो प्रशासन की योजना के अनुसार, जैसे-जैसे यात्री भार बढ़ेगा, बसों और स्टाफ की संख्या में वृद्धि की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर श्रद्धालु को समय पर और सुरक्षित सेवा मिले।
इटावा डिपो का प्रयास
महाकुंभ 2025 की तैयारियों में इटावा डिपो का यह प्रयास न केवल संगठन की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति उनकी सेवा भावना को भी उजागर करता है।











