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November 3, 2026 2:19 am

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जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

अंतरिक्ष में 24 प्रयोग करेंगे स्टार्ट-अप्स और निजी कंपनियां, इसरो की इकाई इन-स्पेस की नई पहल

अंतरिक्ष में 24 प्रयोग करेंगे स्टार्ट-अप्स और निजी कंपनियां, इसरो की इकाई इन-स्पेस की नई पहलभारत के अंतरिक्ष प्राधिकरण ‘इन-स्पेस’ ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत स्टार्ट-अप्स और निजी कंपनियों को अंतरिक्ष में प्रयोग करने का मौका मिलेगा। दरअसल, सोमवार को दो उपग्रहों को लॉन्च करने के बाद पीएसएलवी रॉकेट कक्षा (ऑर्बिट) में रहेगा।इसका चौथा चरण इन प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस दौरान कुल 24 प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से 14 प्रयोग इसरो और 10 प्रयोग गैर-सरकारी संस्थाएं करेंगी।

 

क्या होंगे प्रयोग?

इस पहल के तहत अंतरिक्ष में बीजों के अंकुरण (गर्मियों में उगने वाले बीज) का परीक्षण, रोबोटिक हाथ से अंतरिक्ष में मलबे को पकड़ने का प्रयोग और जलवायु प्रोपल्शन सिस्टम (जलवायु को नुकसान न पहुंचाने वाला ईंधन) का परीक्षण शामिल है। ये प्रयोग पीएसएलवी आर्बिटल एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल (पीओईएम) में किए जाएंगे।

 

इन-स्पेस प्रदान करेगा मदद

इन-स्पेस स्टार्ट-अप्स और निजी कंपनियों को इन प्रयोगों के लिए तकनीकी समर्थन और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा। अहमदाबाद स्थित इन-स्पेस के तकनीकी केंद्र में इन कंपनियों को अपनी परियोजनाओं के लिए जरूरी उपकरण और मदद मिलेगी। इन-स्पेस के निदेशक राजीव ज्योति ने बताया कि वे स्टार्ट-अप्स को उनके प्रयोग करने में मदद कर रहे हैं, जैसे कि विशेषज्ञों से मार्गर्शन देना और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना।

 

पहल में इसरो के वैज्ञानिक भी शामिल

इस पहल में इसरो के वैज्ञानिक भी शामिल होंगे। इसरो की ‘क्रॉप्स’ नामक परियोजना अंतरिक्ष में बीजों के अंकुरण का अध्ययन करेगी। इसमें बैंगने के बीजों को विशेष कंटेनर में उगने के लिए रखा जाएगा, ताकि अंतरिक्ष में उनकी वृद्धि को देखा जा सके।

 

इन-स्पेस की क्या भूमिका है

इस मिशन में दस प्रयोग निजी कंपनियों की ओर से किए जाएंगे। जिनमें पौधो की कोशिकाओं की वृद्धि का अध्ययन, ग्रीन प्रोपल्शन सिस्टम का परीक्षण, सिंथेटिक रडार (एसएआर) द्वारा अंतरिक्ष में इमेजिंग शामिल है। इसके अलावा, कुछ अन्य प्रयोगों में अंतरिक्ष में संचार और उपग्रह सेंसर का परीक्षण भी किया जाएगा। इन-स्पेस स्टार्ट-अप्स को इसरो के सेवानिवृत्त विशेषज्ञों से जोड़ता है, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान किया जा सके। यह स्टार्ट-अप्स को अंतरिक्ष मिशनों में कामयाबी हासिल करने में मदद करती है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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