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August 14, 2026 8:37 am

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जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित

इटावा 22 जुलाई, 2026- जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सी0डी0) रेशियो की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सी0डी0 रेशियो पर सरकार का विशेष फोकस है इसलिए सभी अधिकारीगण द्वारा सी0डी0 रेशियो की ग्रोथ को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का सी0डी रेशियो कम है, उनमें तत्काल सुधार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब जनपद से जमा के रूप में धन लिया जा रहा है, तो उसी अनुपात में ऋण वितरण भी जनपद में किया जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि धन का स्वभाव गतिशील होता है, इसे रुकना नहीं चाहिए, इसलिए अधिक से अधिक ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बैंकों को निर्देशित किया कि विशेष कैंप आयोजित कर सी0डी0 रेशियो में वृद्धि की जाए तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही छोटी-छोटी योजनाओं में भी यदि प्रत्येक बैंक नियमित रूप से आवेदन स्वीकृत करेगा, तो लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पी0एम0 सूर्य घर योजना के लोन को स्वीकृत किया जाए। उन्होंने एस0बी0आई0 को निर्देशित करते हुए कहा कि पी0एम0 स्वनिधि में पेंडिंग एप्लीकेशन को जल्द से जल्द किया जाए और पेंडेंसी को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि पी0एन0बी0, एस0बी0आई0 सहित अन्य सभी बैंक पर पेंडेंसी है इसे जल्द से जल्द खत्म किया जाए। उन्होंने एस0बी0आई0, सी0बी0आई0 को निर्देश दिये की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ सभी को दिया जाए और सभी पेंडेंसी को खत्म किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि बैंकिंग व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में सरकार का महत्वपूर्ण सहयोग है, अतः बैंकों को भी जनहित में ऋण वितरण बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि IGRS शिकायतों के निस्तारण के लिए 2 सप्ताह की समयसीमा निर्धारित है, इसके बाद प्रकरण डिफॉल्ट श्रेणी में चला जाता है, जिससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है। अतः सभी बैंक समयबद्ध एवं संतोषजनक आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें तथा आख्या बैंक अपने लेटरहेड पर ही प्रस्तुत करें।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

उक्त बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी (विकास) प्रिया शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, एल0डी0एम0 सतीश कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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