महेवा फीडर से लाई गई कबाड़ मशीन को किया फिट, दो दिन में फुंके उपकरण, 7 घंटे से ठप बिजली आपूर्ति
पानी की बूंद को तरसे कस्बेवासी, 2 दिन पूर्व लगाई गई थी कबाड़ मशीन के उपकरण जले, जिम्मेदार अधिकारी मौन
सैफई (इटावा) सैफई कस्बे में बिजली विभाग के अधिकारियों की संदिग्ध कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बिजली विभाग द्वारा रातों-रात वीसीवी (VCV) मशीन बदल दिए जाने से सैफई थाना चौराहा कोल्ड स्टोरेज एरिया की बिजली आपूर्ति पिछले 7 घंटे से पूरी तरह ठप है। बिजली न होने से कस्बेवासी भीषण संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है, जिससे लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस गए हैं।
जानकारी के अनुसार सैफई में करीब 5 माह पूर्व नई वीसीवी मशीन लगाई गई थी, लेकिन अब बिजली विभाग के अधिकारी भुगतान न होने की बात कहकर उस मशीन को हटाकर महेवा में भेज दिए जाने की बात कह रहे हैं। और महेवा से कबाड़ मशीन लाकर सैफई प्रथम फीडर पर लगा दी गयी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मशीन नयी थी तो उसे हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी और उसे महेवा क्यों भेजा गया। और महेवा से कबाड़ मशीन किसके आदेश पर सैफई में लगाई गई ? इस पर अधिकारी खुलकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सैफई में नयी विधुत सप्लॉई करने की ट्रॉली वीसीवी मशीन को महेवा बकेवर भेजा गया है और वहां महेवा फीडर की कबाड़ मशीन को लाकर रातों रात सैफई प्रथम बिजलीघर पर लगा दी गयी है। इस कबाड़ मशीन के उपकरण महज दो दिन के भीतर ही जल गए। इसी कारण पिछले 7 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। जब यह पुरानी मशीन सैफई में लगाए जाने की तैयारी चल रही थी, तभी स्थानीय नागरिकों ने इसका कड़ा विरोध किया था और उपजिलाधिकारी सैफई से शिकायत भी की थी। आरोप है कि इसके बावजूद अधिशासी अभियंता ने एसडीएम सैफई को गुमराह करते हुए कबाड़ मशीन लगवा दी, जिसका खामियाजा अब पूरा कस्बा भुगत रहा है। हैरानी की बात यह है कि मशीन खराब हुए 7 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसे ठीक करने के लिए कोई मैकेनिक मौके पर नहीं पहुंचा। बिजली विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समाचार लिखे जाने तक भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका था। बिजली गुल होने से दुकानदारों, व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई बंद होने से हालात और बदतर हो गए हैं। लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है और वे पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
नई मशीन हटाकर पुरानी क्यों लगाई गई, क्या भुगतान न होने का बहाना सही है या कोई बड़ा खेल, कबाड़ मशीन लगाने की अनुमति किसके आदेश से दी गई, जनता की शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई, सैफई में बिजली विभाग की यह कार्यशैली न केवल सवालों के घेरे में है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी पोल खोलती है। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है
क्या कहते है अधिशासी अभियंता सैफई
इस मामले में जब अधिशासी अभियंता सैफई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो मशीन सैफई में लगी थी उसका भुगतान नही हो पाया था इसलिये उसको सैफई से ठेकेदार द्वारा हटा दिया गया।









