इटावा, 28 जनवरी, 2026: जनपद इटावा पुलिस ने बाल विवाह की कुरीति पर प्रहार करने और समुदाय में शून्य सहनशीलता का वातावरण बनाने के लिए आज थाना बिठौली क्षेत्र में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान राष्ट्रव्यापी 100 दिवसीय “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” (27 नवंबर 2025 से 08 मार्च 2026) के तहत आयोजित किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में, थाना एएसटी, एसजेपीयू और थाना बिठौली की संयुक्त पुलिस टीम ने बाल विवाह को रोकने में अहम भूमिका निभाने वाले विभिन्न व्यवसायों और समुदाय के प्रमुख लोगों से सीधा संवाद किया।
प्रमुख हितधारकों को किया गया जागरूक
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल के स्वामियों, सभासदों, बैंड संचालकों, ग्राम प्रधानों, हलवाइयों, मंडप संचालकों और मंदिरों के पुजारियों से संपर्क किया। उन्हें बाल विवाह के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई और इससे होने वाले गंभीर सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत पुलिस को देना हर नागरिक का नैतिक और कानूनी कर्तव्य है।
जन सहयोग की अपील
जनपद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बाल विवाह की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी बाल विवाह या उसकी तैयारी की सूचना तुरंत पुलिस टोल-फ्री नंबर 112 या नजदीकी थाने में देकर समय रहते कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद करें। ऐसी सूचनाओं को गोपनीय रखा जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य केवल कानूनी प्रावधानों को लागू करना ही नहीं, बल्कि बालक-बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए एक जागरूक और सजग समुदाय का निर्माण करना है।









