इटावा पुलिस ने आपातकालीन सेवाओं की दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया को और सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष समन्वय बैठक का आयोजन किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी नगर अभय नारायण ने डायल-112 (आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा) और फायर सर्विस में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ यह महत्वपूर्ण चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य
आकस्मिक परिस्थितियों जैसे दुर्घटना, आगजनी, प्राकृतिक या मानवजनित आपदाओं के समय, पुलिसकर्मियों को और अधिक संवेदनशील, तत्पर और जागरूक बनाना, ताकि न्यूनतम जन-धन हानि सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में हाल ही में नोएडा में घटी घटना को एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए चर्चा की गई कि त्वरित, समन्वित और वैज्ञानिक कार्यप्रणाली अपनाकर किस तरह बड़ी त्रासदी को रोका जा सकता है।
· मुख्य बिंदु व दिशा-निर्देश:
1. त्वरित प्रतिक्रिया: आपात सूचना मिलते ही न्यूनतम समय में घटनास्थल पर पहुंचना।
2. प्राथमिक सुरक्षा: घटनास्थल पर तत्काल सुरक्षा घेरा बनाकर नागरिकों को सुरक्षित निकालना।
3. प्रभावी समन्वय: फायर सर्विस, एम्बुलेंस व अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखना।
4. व्यवस्था प्रबंधन: भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और राहत कार्यों को प्राथमिकता देना।
5. तत्काल चिकित्सा सहायता: घायलों को शीघ्रातिशीघ्र चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था करना।
6. SOP का पालन: तकनीकी संसाधनों और मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए जोखिम को कम करना।
अंत में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से अपेक्षा की गई कि वे उच्चतम पेशेवर मानकों, मानवीय संवेदनशीलता और बेहतरीन टीमवर्क के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में जनता को सबसे तेज़ और प्रभावी सहायता मिल सके।
यह बैठक इटावा पुलिस की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें न केवल अपराध नियंत्रण बल्कि आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के लिए भी निरंतर तैयारी और प्रशिक्षण पर जोर दिया जाता है। इससे आपातकालीन सेवाओं की कार्यक्षमता में और सुधार की उम्मीद है।









