कन्नौज: कन्नौज की जिला जेल से सनसनीखेज तरीके से फरार हुए दो कैदियों में से एक, शिवा उर्फ डंपी, को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के मुरादगंज क्रॉसिंग के पास हुई इस मुठभेड़ में डंपी के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि 5 जनवरी की रात अनौगी जिला जेल से फरार हुआ शातिर अपराधी डंपी, गुरसहायगंज में तिर्वा रोड की तरफ देखा गया है। जब पुलिस ने उसे तारा बगिया के पास घेरने की कोशिश की, तो डंपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से चलाई गई गोली डंपी के बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
कैसे बनाया था ‘फरार’ होने का प्लान
अस्पताल में पूछताछ के दौरान डंपी ने जेल से भागने की पूरी कहानी बयां की:
डंपी के अनुसार, भागने का आइडिया उसके साथी अंकित और मोहित ने दिया था,झाड़ू लगाने के दौरान उन्हें दीवार के पास एक लोहे की सरिया मिली। कड़ाके की ठंड का फायदा उठाकर तीनों कंबल ओढ़कर बाहर निकले थे,उन्होंने कंबल को फाड़कर रस्सी बनाई और सरिया की मदद से उसे पिलर में फंसा दिया। इसी के सहारे वे ऊंची दीवार फांदकर फरार होने में कामयाब रहे।
पछतावे के आंसू: “अब कभी नहीं करूँगा अपराध”
मुठभेड़ के बाद दर्द से कराहते हुए डंपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि उसकी जमानत होने वाली थी और वह भागना नहीं चाहता था, लेकिन अंकित और मोहित के उकसाने पर वह उनके साथ चला गया। रोते हुए डंपी ने कहा कि अब वह अपराध की दुनिया छोड़कर नई जिंदगी शुरू करना चाहता है।
एसपी बिनोद कुमार ने बताया कि डंपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके पास से अवैध हथियार बरामद हुए हैं। जेल से फरार दूसरा कैदी अंकित अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दूसरे फरार कैदी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।









