इटावा दान और पुण्य के महापर्व ‘मकर संक्रांति’ के पावन अवसर पर श्यामल सेवा समिति द्वारा मानवता की सेवा का संकल्प दोहराया गया। समिति की ओर से सारंगपुर गांव स्थित साईं मंदिर के समीप भट्टे पर कार्य करने वाले गरीब और असहाय परिवारों के बीच खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया और भीषण ठंड को देखते हुए कंबल वितरित किए गए।
मानवता की सेवा ही सर्वोपरि लक्ष्य
समिति की अध्यक्ष श्रीमती श्यामला पांडे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उस वर्ग तक खुशियाँ पहुँचाना था, जो बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। मकर संक्रांति के धार्मिक महत्व को देखते हुए सबसे पहले उपस्थित लोगों को गर्म और पौष्टिक खिचड़ी का वितरण किया गया, जिसे पाकर बच्चों और बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान खिल उठी।
ठंड से राहत के लिए कंबलों का वितरण
बढ़ती ठंड और शीत लहर के प्रकोप को देखते हुए संस्था ने ईंट भट्टे पर रहने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों को गर्म कंबल प्रदान किए। इस दौरान अध्यक्ष श्यामला पांडे ने कहा, “मकर संक्रांति केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में प्रकाश लाने और सेवा करने का अवसर है। हमारी संस्था का सदैव प्रयास रहता है कि हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की मदद कर सकें।”
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थितियाँ
सेवा के इस पुनीत कार्य में संस्था की अध्यक्ष के साथ समाजसेविका प्रीति शर्मा, माला दुबे, और नेहा ने सक्रिय सहयोग किया। साथ ही प्रेमलता, अलका, संध्या बघेल और स्नेहा पांडे सहित संस्था से जुड़े कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने अपने हाथों से वितरण कर पर्व की खुशियाँ साझा कीं।
स्थानीय स्तर पर सराहना
श्यामल सेवा समिति के इस सराहनीय कदम की स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध जनों ने काफी प्रशंसा की है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से न केवल जरूरतमंदों को सहायता मिलती है, बल्कि समाज में एकजुटता और परोपकार की भावना भी मजबूत होती है।









