“इटावा के टिमरूआ चौराहे पर AAP कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के खिलाफ जताया आक्रोश, व्यापारिक रिश्ते तोड़ने और बिजली आपूर्ति रोकने की उठाई मांग”

इटावा। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ते हमलों, मंदिरों को निशाना बनाए जाने, महिलाओं व बच्चों के साथ बर्बरता और भय के कारण जबरन पलायन की घटनाओं के विरोध में शनिवार को सैफई विकास खंड के टिमरूआ चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए कई कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।

AAP जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा चिंताजनक और मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया, “इन गंभीर घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अब तक कोई ठोस, प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश से यह अपेक्षा है कि वह पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाए और कूटनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है और अत्याचारियों का मनोबल बढ़ा रही है।”
प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग करते हुए चार सूत्रीय मांगें रखीं:
1. तत्काल कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों की समाप्ति: जब तक बांग्लादेश सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं देती, तब तक भारत-बांग्लादेश के सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त किए जाएं।
2. बिजली आपूर्ति पर रोक: केंद्र सरकार द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली की आपूर्ति तुरंत रोकी जाए, क्योंकि भारत के संसाधनों का उपयोग हिंदू विरोधी हिंसा करने वाले देश के लिए नहीं होना चाहिए।
3. अडानी समूह की बिजली आपूर्ति पर प्रतिबंध: अडानी समूह द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली आपूर्ति पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि कॉर्पोरेट लाभ के लिए भारत की नैतिक जिम्मेदारियों से समझौता न हो।
4. शेख हसीना के संरक्षण पर पुनर्विचार: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में दिए जा रहे संरक्षण पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, ताकि यह संदेश जाए कि भारत हिंदू विरोधी हिंसा का किसी भी रूप में समर्थन नहीं करता।
संजीव शाक्य ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो यह क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बनेगा और भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने कहा, “संविधान हमें सिखाता है कि अन्याय के खिलाफ चुप रहना भी अन्याय है।”
प्रदर्शन में संजीव शाक्य के अलावा मनोज यादव, बसंत कुमार, अशोक कुमार शाक्य, बृजेश बाबू शाक्य, सुरेश जाटव, जनवेद सिंह, अंकित, गुलशन, गुड्डू खान, मोनू खान, अशोक बाथम, सुधाकर शाक्य, प्रदीप शाक्य, आरजू सक्सेना, अजब सिंह, अवधेश कुमार और प्रवीण शाक्य सहित कई पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।









