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February 15, 2026 9:33 am

 “मिशन शक्ति-05: पद्मश्री अंजू बॉबी जॉर्ज ने इटावा पुलिस लाइन में महिला रिक्रूट्स के साथ साझा किया संघर्ष और सफलता का मंत्र”

इटावा, 02 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘मिशन शक्ति-05’ अभियान के तहत मंगलवार को जनपद इटावा की रिजर्व पुलिस लाइन में एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध एथलीट व पद्मश्री अंजू बॉबी जॉर्ज ने 491 महिला रिक्रूट आरक्षियों से रुबरु संवाद किया और उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के गुर सिखाए।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा अतिथि अंजू बॉबी जॉर्ज का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुआ। अपने संबोधन में एसएसपी ने अंजू बॉबी जॉर्ज की अदम्य इच्छाशक्ति और उपलब्धियों—जैसे विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को पहला पदक दिलाना, अर्जुन पुरस्कार, खेल रत्न और पद्मश्री प्राप्त करना—को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आपकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ निश्चय कैसे हर बाधा को तोड़कर नई संभावनाएं रच सकता है।

एसएसपी श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का ‘मिशन शक्ति अभियान’ महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि इटावा जनपद के सभी 21 पुलिस स्टेशनों में सक्रिय ‘मिशन शक्ति केंद्र’ हर ज़रूरतमंद महिला की मदद व सशक्तिकरण के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि आज यहां मौजूद सभी महिला रिक्रूट्स के लिए अंजू बॉबी जॉर्ज आत्मविश्वास और शक्ति की प्रतीक हैं।

“महिला शक्ति देश की प्रगति की मूल ऊर्जा”

 

इसके बाद पद्मश्री अंजू बॉबी जॉर्ज ने अपने संबोधन में महिला रिक्रूट्स को बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासन, फिटनेस और आत्मविश्वास के महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने पुलिस सेवा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “महिला शक्ति देश की प्रगति की मूल ऊर्जा है, और पुलिस बल में उनका योगदान सुरक्षा, विश्वास व संवेदनशीलता का प्रतीक है।”

 

रिक्रूट्स के सवालों के जवाब में साझा किए जीवन के अनमोल सूत्र

 

कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा तब आया जब क्षेत्राधिकारी लाइन्स सुश्री आयुषी सिंह के नेतृत्व में महिला रिक्रूट्स ने अंजू बॉबी जॉर्ज से उनके जीवन और संघर्ष से जुड़े सवाल किए।

· पहले प्रश्न में विश्व स्तर पर पदक जीतने के संघर्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि एक गंभीर चोट (फ्रैक्चर) के बाद दो साल के बेड रेस्ट के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर परिश्रम से वापसी कर इतिहास रचा। उनका संदेश था, “आप कभी हार न मानें, लगातार परिश्रम ही सफलता की गारंटी है।”

· दूसरे प्रश्न में असफलता से उबरने के रहस्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एक एथलीट के जीवन में असफलताएं आती रहती हैं, लेकिन उन्हें कड़ी मेहनत से सफलता में बदलना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अपना 99.99% नहीं, बल्कि 100% दें, तभी सच्ची सफलता मिलेगी।”

· तीसरे प्रश्न में अनुशासन और दिनचर्या के बारे में जानने पर उन्होंने बचपन से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक के अपने कठिन अनुशासन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बचपन में माता-पिता ने अनुशासन सिखाया और विवाह के बाद कोच व पति ने संतुलित आहार, नियमित अभ्यास और दिनचर्या में संतुलन बनाए रखने में मदद की, जो उनकी सफलता का मूल मंत्र है।

 

कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने अंजू बॉबी जॉर्ज का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें एक स्मृति चिन्ह भेंट किया।

 

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक (नगर/देहात) सहित जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम निश्चित रूप से भविष्य की महिला पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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