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February 15, 2026 2:19 pm

1978 के दंगों में चर्चित रहे कुएं की खोदाई शुरू,फिर चर्चा में 47 साल पुराने दंगे से जुड़ी कहानी

संभल।उत्तर प्रदेश के संभल कोतवाली क्षेत्र की एकता पुलिस चौकी क्षेत्र में 1978 के दंगे से जुड़े एक पुराने कुएं की खुदाई शुरू की गई है।मुस्लिम-बहुल आबादी वाले मोहल्ले में इस कुएं की खुदाई का कदम तब उठाया गया,जब कुछ महीनों में 47 साल पुराने दंगे से जुड़े मामलों की फिर चर्चा तेज हो गई थी। दंगा पीड़ित परिवार ने प्रशासन को पत्र लिखते हुए इस कुएं की खुदाई की मांग की थी।कुएं की खुदाई का कार्य सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की निगरानी में शुरू हुआ।पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।

 

इस कुएं के नजदीक लगे एक पेड़ को भी काटा जाएगा। वन विभाग को सूचना दे दी गई है। आसपास के लोगों का कहना है कि 1978 के दंगों के दौरान यह कुआं चर्चा में रहा था।इस कुएं को लेकर 1978 के दंगों से जोड़कर तरह तरह की चर्चा है।

 

सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई दो दिन पहले जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार की जा रही है।नगर पालिका की टीम भी लगी हुई है,चबूतरा टूटने के बाद कुआं दिखने लगा है।टीम ने कुएं के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

 

दंगा पीड़ित परिवार के सदस्य कपिल रस्तोगी ने प्रशासन को दी गई अपनी शिकायत में दावा किया है कि 1978 के दंगे के दौरान उनके दादा की दुकान कुएं के सामने थी।दंगाइयों ने उन्हें दुकान पर बैठे हुए ही पकड़ लिया।कपिल का आरोप है कि उनके दादा की धारदार हथियारों से हत्या की गई और शव को तराजू से बांधकर इसी कुएं में फेंक दिया गया था।बाद में कुएं से शव बरामद होने पर शरीर पर कई चाकुओं के निशान मिले थे।

 

कपिल रस्तोगी ने कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में अपने दादा की हत्या की बात कही थी,उनका दावा है कि इतने गंभीर आरोपों और हिंसा के बावजूद उस समय एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी,हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

 

प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया है,अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खुदाई एक तथ्य-जांच प्रक्रिया है।प्रशासन शिकायत के तथ्यों की जांच कर रहा है।कुएं की खुदाई का कार्य कई चरणों में किया जाएगा।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार‌ कुएं को पहले पूरी तरह साफ किया जाएगा फिर अंदर मौजूद सामग्री की जांच की जाएगी।

 

बता दें कि संभल हिंसा की चर्चा के बाद हाल ही में 1978 के दंगे का मुद्दा उठने लगा था।विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में 1978 के दंगे का उल्लेख किया था।इसके बाद दंगा पीड़ित परिवार ने प्रशासन को पत्र लिखकर दो मांगें रखीं। पहली कुएं की खुदाई कराई जाए, ताकि 1978 की घटना से जुड़ी सच्चाई सामने आ सके।दूसरी उस चौक को उनके दादा के नाम पर रखा जाए,जहां पर घटना हुई थी।पीड़ित परिवार ने कहा कि दशकों तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया,लेकिन अब जब सरकार ने भी 1978 के दंगे का जिक्र किया है, तो उनकी उम्मीदें बढ़ी हैं।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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