अयोध्या। एक ऐतिहासिक क्षण में आज अयोध्या धाम में भगवान राम के भव्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कर एक नए युग का शुभारंभ हो गया। यह केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना की पुनर्प्रतिष्ठा का क्षण था।
गरिमामयी समारोह:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
रामराज्य की पुनर्स्थापना:
मंदिर शिखर पर ध्वज फहराने का यह पावन क्षण रामराज्य की पुनर्स्थापना का उद्घोष करता प्रतीत हुआ। यह वह दिव्य क्षण था, जिसकी प्रतीक्षा भारतीय संस्कृति को सदियों से थी।
समर्पित भक्तों को अभिनंदन:
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी कर्मयोगियों, साधु-संतों और करोड़ों रामभक्तों के प्रति हार्दिक अभिनंदन व्यक्त किया गया। उनके अटूट विश्वास और अथक परिशम ने ही इस दिव्य सपने को साकार किया है।
भविष्य का संदेश:
यह ध्वजारोहण न केवल एक मंदिर का शुभारंभ है, बल्कि भारत के गौरवशाली भविष्य का संकेत है। यह क्षण संपूर्ण राष्ट्र के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बना है।









