इटावा। एक घंटे की रेस Against Time में जीत! 75 वर्षीय गुड्डी देवी को खतरनाक ब्लैक स्पेक्टिकल कोबरा ने काटा, लेकिन परिवार ने दिखाई सूझबूझ और तुरंत संपर्क किया जनपद की ‘स्नेक बाइट हेल्पलाइन’ से। नतीजा: समय पर अस्पताल पहुंचने और सही इलाज से बुजुर्ग महिला की जान बच गई।
घटना कुछ यूं घटी:
· भरेह क्षेत्र के नीमाडांडा ग्राम की रहने वाली गुड्डी देवी को घर में काम करते समय जहरीले कोबरा सांप ने हाथ पर डस लिया।
· महिला के भतीजे संजय कुमार ने संस्था ‘ओशन’ के सर्पदंश जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर, हेल्पलाइन पर सर्पदंश विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी से संपर्क साधा।
· डॉ. त्रिपाठी ने भेजी गई फोटो में सर्पदंश के निशान पहचाने और गुड्डी देवी को तत्काल जिला अस्पताल, मोतीझील के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।
· त्वरित और सही इलाज से महिला की जान बच गई और वह अब खतरे से बाहर हैं। खबर लिखे जाने तक उनका इलाज जारी था।
झाड़-फूंक को ‘ना’, अस्पताल को ‘हाँ’:
परिवार ने गांव में प्रचलित झाड़-फूंक का सहारा लेने की बजाय सीधे अस्पताल पहुंचकर समझदारी का परिचय दिया। इस सूझबूझ ने ही गुड्डी देवी की जिंदगी बचा ली। घर में घुस आए कोबरा सांप को वन विभाग ने बचाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया है।
हेल्पलाइन ने बदली तस्वीर, डॉ. त्रिपाठी ने की अपील:
सर्पदंश विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि संस्था ‘ओशन’ की निःशुल्क स्नेक बाइट हेल्पलाइन (7017204213) और जागरूकता अभियान के चलते जनपद में सर्पदंश से होने वाली मौतों में कमी आई है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि सर्पदंश होने पर किसी तरह की देरी न करें और झाड़-फूंक से दूर रहते हुए सीधे नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचें। हेल्पलाइन पर फोटो भेजकर तत्काल मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
याद रखें: सर्पदंश में हर मिनट कीमती होता है। सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई ही जान बचा सकती है।









