इटावा –बनारस पुलिस प्रशासन वकीलों से जबरन कर रहा विवाद , घटना को लेकर प्रदेश में सभी अधिवक्ता समाज में भीषण नाराजगी, पुलिस प्रशासन अपनी शैली में करे जल्दी सुधार , अब बड़े आन्दोलन की चेतावनी, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को भी लिखा जायेगा पत्र – एड० आदित्य मोहन शर्मा
पिछले दिनों, बनारस पुलिस प्रशासन और अधिवक्ता विवाद कांड को लेकर, आज इटावा जिला कचहरी परिसर में, एडवोकेट आदित्य मोहन शर्मा की प्रमुख अगुवाई में एक बैठक हुई ,। बैठक में सभी मौजूद सभी वकीलों ने वाराणसी पुलिस प्रशासन के घृणित कृत्य के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताते हुए, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निंदा की ।
बैठक को संबोधित करते हुए , एड० आदित्य मोहन शर्मा ने कहा की बनारस पुलिस प्रशासन द्वारा जो वहां के वकीलों के साथ अभ्रद्रता , अमानवीय व्यवहार, उत्पीड़न घटना हुई हे, यह साबित करती हे, की जब अधिवक्ता की इज्जत जो पुलिस नही करती है, वह आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार रखेगी । समाज में वकीलों के साथ ऐसी घटनाएं अत्यधिक निंदनीय और न्याय व्यवस्था की गरिमा के विपरीत है, अरे अधिवक्ता समाज सदैव विधि की स्थापना और न्यायिक व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कई जगह बार बार अधिवक्ताओं के साथ मारपीट, मर्यादाहीन व्यवहार हो रहा है, जिसमें अभी ताजा उदाहरण बनारस अधिवक्ता कांड का है , । ऐसी घटनाओं से समाज में सम्पूर्ण देश और प्रदेश में अधिवक्ता परिवार में आक्रोश व्याप्त हे , जो कभी भी प्रदेश व्यापी आंदोलित रूप ले सकता है।
विडंबना देखिए , की वाराणसी में पुलिस प्रशासन द्वारा जबरन पहले अधिवक्ता के साथ मारपीट हुई, जब वकीलों ने इसका विरोध किया तो फिर वहां की पुलिस ने सिर्फ अपना ईगो सीटिस्फाइड करने और पुलिसिया गुंडई करने के उद्देश्य से कई वकीलो पर कई फर्जी धाराओं में झूठी एफआईआर लिखी, । और बराबर बत्तिमीजी और अपमान कर रही , ।
एड० राजेश कुमार त्रिपाठी ने भी विरोध जताते हुए, कहा पुलिस के इस कृत्य से अब हम सभी अधिवक्ता बेहद नाराजगी जताते हुए , वाराणसी पुलिस प्रशासन का विरोध करते है । और वाराणसी पुलिस अगर नही मानेगी तो प्रदेश के सभी जिलों के अधिवक्ताओं के साथ मिलकर जल्द ही बनारस पहुंच कर पुलिस के खिलाफ भीषण आंदोलन किया जाएगा। और हर कदम अधिवक्ता हित में उठाया जाएगा।
हम सभी वकील लोग सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , भारत सरकार के ग्रह मंत्री अमित शाह , डीजीपी पुलिस यूपी, बार काउंसिल इंडिया एवम बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से मांग करते हैं और निवेदन करते है , जल्द ही इस मामले में संज्ञान ले, हस्तक्षेप करे और इस मामले को सुलझाकर , अधिवक्ता पुलिस विवाद का निपटारा हो सके । हम सभी को सरकार पर भरोसा है ।
सभी वकीलों ने कहा की, बनारस की घटना की उच्च स्तरीय जांच हो, वहां दोषी पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्यवाही हो, प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट भी जल्दी लागू हो, जिससे समाज में शांति व्यवस्था बनी रहे । भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हों इस पर स्पष्टदिशा निर्देश जारी हो, और हर हाल में अधिवक्ता हित और समाज हित सुरक्षित रहे ।
जिला कचहरी पर बनारस पुलिस के खिलाफ – आज उक्त निंदा प्रस्ताव बैठक में – एड० राजेश कुमार त्रिपाठी , एड० कमल माथुर, एड० सुबोध राजपूत, एड० आदित्य मोहन शर्मा, एड०सुभाष राजपूत, एड० आरके वर्मा, एड० जयंत बौद्ध, एड० अभिषेक तिवारी, एड० भानु प्रताप, एड० उमेश कुशवाहा, एड० कुलदीप यादव, एड० अनिल यादव, एड० राजुल शुक्ला, एड० राणा मिश्रा, एड० तुषार गुप्त, एड० शिवेक कुशवाह, एड० विवेक राजपूत, एड० राहुल भदौरिया, ओमजी बाथम, आरजू कुमारी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे ।









