आगरा।उत्तर प्रदेश के आगरा की दो लड़कियों के धर्म परिवर्तन मामले में रोज नए-नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।दो सगी पढ़ी-लिखी पंजाबी बहनों का धर्म परिवर्तन कराया गया फिर उनका ब्रेनवॉश किया गया,इससे पहले कि दोनों बहनें आतंकवाद के रास्ते पर चलती पुलिस ने दोनों को कोलकाता से रेस्क्यू कर लिया।पुलिस ने देश के अलग-अलग 6 राज्यों से धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के 11लोगों को गिरफ्तार कर धर्म परिवर्तन कराने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा कर दिया।धर्म परिवर्तन कराने वाले इस गिरोह के तार पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ रहे हैं।
धर्म परिवर्तन कराने वाला यह गिरोह आईएस की तरह काम कर रहा था।धर्म परिवर्तन के बाद लड़कियों को कट्टरपंथी वीडियो दिखाकर आत्मघाती हमले के लिए तैयार किया जा रहा था।इस गिरोह की शिकार हुई एक पंजाबी लड़की ने अपना धर्म परिवर्तन करने के बाद फेसबुक पर AK-47 राइफल के साथ अपनी प्रोफाइल फोटो भी अपलोड की थी। आगरा पुलिस ने विदेशी फंडिंग के पैसे से कम उम्र की हिंदू लड़कियों को धर्म परिवर्तन कराने गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।इनको आगरा,मुज़फ्फरनगर,गोवा, कोलकाता,देहरादून,जयपुर और दिल्ली से पकड़ा गया है।
कोलकाता से रेस्क्यू की गई इन दोनों बहनों का इस तरह ब्रेनवॉश किया गया था कि वे आगरा में अपना घर मार्च 2025 में छोड़कर कोलकाता पहुंच गईं।कोलकाता में मुस्लिम बस्ती बकरमहल में दोनों को रखा गया।इन दोनों पंजाबी बहनों का नाम बदलकर अमीना और जोया कर दिया गया,जिस घर में इनको रखा गया,वहां दोनों के साथ दो मुस्लिम शख्स भी रह रहे थे।गुरुवार को आगरा पुलिस की टीम कोलकाता पुलिस के साथ जब पहुंची तो दोनों बहनों ने बुर्का पहन रखा था।
24 मार्च 2025 को आगरा के एक जूता कारोबारी की दो बेटियां अचानक गायब हो गई थीं।बड़ी बेटी एम.फिल कर चुकी थी और 18 साल की छोटी बेटी ग्रेजुएशन कर रही थी। पुलिस में इन दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आगरा की साइबर क्राइम थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी।
जूता कारोबारी ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई के दौरान उसकी बड़ी बेटी 2020 में उधमपुर की रहने वाली समा के संपर्क में आई। 2021 में समा बिना बताए उसे अपने साथ उधमपुर और कश्मीर ले गई।जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से जूता कारोबारी अपनी बेटी को वापस ले आए थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी की बातचीत समा से फोन पर लगातार होती थी।घर लौटने के बाद बड़ी बेटी अपनी छोटी बहन को लगातार इस्लाम धर्म कबूलने के लिए दबाव बना रही थी, उसे इस्लाम की तरफ झुकाव कर रही थी,इसके बाद 24 मार्च को दोनों बेटियां घर से निकल गईं और फिर वापस नहीं लौटीं।
दोनों बहनों की खोज के दौरान पुलिस को इस बड़े धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के सुराग मिले थे। जांच के दौरान पता चला कि इस गिरोह को कनाडा-अमेरिका से फंडिंग भी कराई जा रही थी।इस गिरोह गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम अबू तालिब,अब्दुल रहमान,मोहम्मद इब्राहिम,अली हसन, मुस्तफा उर्फ मनोज,जुनैद कुरैशी,रहमान कुरेशी,मोहम्मद अली, आयशा और ओसामा हैं।
अपहरण में समा के नामजद होने के बाद जांच में पुलिस को जूता कारोबारी की 33 वर्षीय बड़ी बेटी का बदले हुए नाम से एक फेसबुक आईडी मिली,उसने बुर्के में AK-47 के साथ अपनी फोटो लगा रखी थी। दोनों बहनों की लोकेशन कोलकाता के बकरमहल में मिली,पुलिस ने जब दोनों को पकड़ा तो वो बुर्के में थीं और दो मुस्लिम शख्स भी उनके साथ वहां रहते थे।
साइबर थाना पुलिस को छोटी बहन के मोबाइल से चैट भी मिली है,चैट में जिक्र है कि वह मुजाहिद बनना चाहती है। इस्लाम के लिए खुद को कुर्बान करना चाहती है।दोनों बहनों की काउंसिलिंग कराई जा रही है।
अली नाम का आरोपी है,यह हिंदू राजपूत था।जयपुर में इसने इस्लाम कबूला।एक मुस्लिम लड़की से इश्क था,कन्वर्ट होने वालों को यह लीगल गाइड करता था।
रहमान कुरेशी।यह यूट्यूब चैनल चलाता है,ब्रेनवॉश करता है, इन दोनों बहनों के संपर्क में था।आगरा का रहने वाला है।
अब्दुर्रहमान यह भी कन्वर्टेड है।उत्तरांचल इसका एरिया था, हिंदू लड़कियों को टारगेट करके उनका मुस्लिम से शादी कराता था।
मुहम्मद इब्राहिम यह भी कन्वर्टेड है,रितक बानिक इसका असली नाम है,यही दोनों लड़कियों को कोलकाता ले गया था,इसका काम फाइनेंस का था।
अली हसन यह कोर्ट का कर्मचारी है,गोवा वाली आयशा का पति है,बंगाल में कर्मचारी है।इसका असली नाम शेखर राय है। यह भी कन्वर्टेड मुस्लिम है।लीगल मदद करता था।
गोवा वाली आयशा सबको फंड देती थी।आयशा को कनाडा का रहने वाला दाऊद फंड देता था।
पुलिस ने जो 11 लोगों को गिरफ्तार किए हैं, उनमें से 6 कन्वर्टेड है
एसबी कृष्णा उर्फ आयशा
शेखर राय उर्फ हसन अली
ऋतिक बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम
रूपेंद्र सिंह उर्फ अब्दुर्रहमान
मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार
मनोज उर्फ मुस्तफा
इसके साथ ही आगरा पुलिस ने दिल्ली के मुस्तफाबाद से एक धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है।आगरा से गायब हुई कारोबारी की बेटियों का धर्म परिवर्तन कराने और उनको पश्चिम बंगाल भेजने में अहम भूमिका थी।
पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन को बहुत ही गोपनीय रखा था। बंगाल में समुदाय विशेष बाहुल्य इलाके में दोनों बहनों को रखा गया था,जहां से दोनों को निकालना पुलिस के लिए एक मुश्किल टास्क था। 4 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के 15 दिन बाद पुलिस को दोनों बहनों की लोकेशन मिल गई थी। इस ऑपरेशन में 50 पुलिसकर्मी थे,जिनकी बाकायदा प्रोफाइलिंग की गई और फिर उन्हें इसके लिए चुना गया।
पिछले 7 दिन से पुलिस की टीम बंगाल में दोनों बहनों की लोकेशन पर थी।पुलिस की टीम रेकी करने के लिए पहुंची थी, जो पूरी तरह टेक्निकल साउंड थी।कुछ पुलिसकर्मी पत्रकार और अन्य पेशेवर बनकर भी रहे, ताकि इस धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के लोगों को भनक न लगे।यह पूरा ऑपरेशन इतना गुप्त रखा गया कि पुलिस की एक टीम, दूसरी टीम को नहीं जानती थी।आखिरी समय तक नहीं बताया गया था कि कौन कहां जाएगा,जिस समय दोनों बहनों को बरामद किया गया,उस समय पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ दोनों के माता-पिता भी मौजूद थे।फिलहाल यूपी एटीएस और एसटीएफ भी धर्म परिवर्तन कराने वाले इस गिरोह की जांच कर रही है।









