प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना थीम पर जल सैनिकों ने यमुना घाट पर प्लास्टिक का कूड़ा कचरा उठाकर साफ सफाई करके विश्व पर्यावरण दिवस मनाया।
जल संरक्षक निर्मल सिंह की अगुवायी में पर्यावरण दिवस के एक दिन पूर्व धूपपापेश्वर शंकर आश्रम यमुना घाट पर यमुना प्रदूषण मुक्त बनाओं-यमुना बचाओ कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जल सैनिकों ने श्रमदान करते हुए यमुना घाट पर कुडा कचरा पॉलिथीन आदि उठाकर स्वच्छता अभियान चलाया और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की शपथ ली।
जल संरक्षक निर्मल सिंह के आवाह्न पर कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने एकजुट दिखाते पर्यावरण दिवस मनाया जिसमें नेचर कन्जर्वेशन एण्ड ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी,अमर शहीद अवंती बाई शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति, अनिल मेमोरियल ट्रस्ट, एहसास संस्था, बच्चन लाल ज्ञानवती देवी ट्रस्ट, प्रेम देवी शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने प्रतिभाग किया। सभी ने एक जुट होकर पर्यावरण संरक्षण एवं यमुना के घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाने पर सहमति जताई।
इस अवसर पर आचार्य जगत सिंह राजपूत ने कहा कि जल संरक्षक निर्मल सिंह के साथ कई वर्षों से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण और वर्षा जल बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं ,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर हमेशा अपना योगदान देते रहेंगे।
एहसास संस्था के महासचिव राघवेंद्र अवस्थी ने कहा कि मजबूत इरादों के साथ 25 वर्षों से जल और पर्यावरण बचाने के लिए निर्मल सिंह का में आभार प्रकट करता हूं तथा उनके अभियान में सदैव सहयोगी के रूप में साथ खड़ा रहूंगा।
अनिल मेमोरियल ट्रस्ट के कोऑर्डिनेटर वेद प्रकाश ने कहा कि प्लास्टिक की वस्तुओं का कम से कम उपयोग करना चाहिए और घाटों की साफ सफाई के लिए लोगों को आगे आना चाहिए।
शिवाकांत चौधरी ने कहा कि प्रति रविवार हम लोग यमुना घाटों की सफाई ,तालाब संरक्षण और किसानों में जागरूकता के लिए काम कर रहे हैं। तेज प्रताप ने कहा कि यमुना किनारे बसे गांव के लोगों को जागरूक करने में हमारी संस्था सहयोग करती रहेगी। राजीव यादव ने कहां की सामाजिक कार्यों में लोगों के सहयोग के साथ मीडिया का सहयोग भी आवश्यक है।विशाल स्नातक ने कहा कि जिलाधिकारी महोदय की अपील है घाटों के किनारे गांव यमुना में सीवेज का पानी ना डालें और ना ही यमुना को प्रदूषित करें इसलिए हम लोग प्रति रविवार अपने अमूल्य समय से 2 घंटा समाज सेवा में देने का प्रण करते हैं।
इस अवसर पर आचार्य जगत सिंह राजपूत, पंडित शिवाकांत चौधरी, राघवेंद्र अवस्थी, वेद प्रकाश, तेज़ प्रताप, विशाल स्नातक , डॉ एके सिंह, मोहित बंसल उज्जवल बंसल , अजय यादव राजीव यादव , राधेश्याम आदि लोग उपस्थित रहे।









