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February 15, 2026 12:29 pm

अक्षय तृतीया पर ठाकुर जी का श्रंगार कर लगाया गया छप्पन भोगरा धावल्लभ मंदिर पर धूमधाम से मनाया गया अक्षय तृतीया का पावन पर्व

इटावा पुराना शहर के छैराहा स्थित वृंदावन धाम श्री राधाबल्लभ मंदिर पर अक्षय तृतीया का पर्व बुधवार को श्रद्धाभाव के साथ परंपरागत ढंग से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के चरण दर्शन किए। इस मौके पर भगवान का आकर्षक श्रंगार भी किया गया और छप्पन भोग भी लगाया गया यहां पर शाम के समय भजन कीर्तन की धूम रही। मंदिर में आए सभी भक्तों को भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया।

जिस प्रकार वृंदावन में बांके बिहारी लाल के चरण दर्शन सिर्फ अक्षय तृतीया पर होते हैं बैसे ही श्री राधा वल्लभ मंदिर पर भी भक्तों को ठाकुर जी के चरण दर्शन कराए गए। चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद गोस्वामी ने ठाकुर जी का सुबह चंदन से लेपन किया और इसके बाद आकर्षक पोशाक धारण कराकर नटवर भेष में विशेष श्रंगार भी किया। शाम के समय महिला मंडल के द्वारा अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में भजन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें भजनों व गीतों पर महिलाएं खूब थिरकी। सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक शाम 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक काफी संख्या में श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शन के लिए पहुंचे। सभी भक्तों को भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया।

चरण सेबक गोपाल प्रकाश चंद गोस्वामी ने अक्षय तृतीया का महत्व बताते हुए कहा कि वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं हैं, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है उसी तरह अक्षय तृतीया के समान कोई तिथि नहीं है। अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त भी माना गया है। इस दिन किसी भी कार्य को करने के लिए पंचांग देखने या मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान अक्षय रहता है, उसका कभी ह्रास नहीं होता। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में पूरे साल में सिर्फ आज ही के दिन ठाकुर जी के चरण दर्शन भक्तों को होते हैं ठीक उसी प्रकार श्री राधावल्लभ लाल महाराज के चरण दर्शन करके श्रद्धालु अपने आप को धन्य मानते है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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